तीसरी धारा न्यूज (जमशेदपुर): स्टील सिटी जमशेदपुर में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब यहां आम नागरिकों की जान की कोई कीमत नहीं रह गई है। अभी होटल डबल डाउन पब के बाहर हुए चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड को कुछ घंटे भी नहीं बीते थे कि बर्मामाइंस क्षेत्र में एक और व्यक्ति पर चापड़ (धारदार हथियार) से जानलेवा हमला कर दिया गया। बैक-टू-बैक हुई इन वारदातों ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है और पुलिस-प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है।
दिवंगत हिमांशु सिंह की निर्मम हत्या ने पूरे राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थिति यह है कि आज जमशेदपुर का कोई भी नागरिक न तो अपने घर में सुरक्षित है, न रेस्तरां-पब में और न ही सड़कों पर। बेखौफ घूम रहे हत्यारे और अपराधी सरेआम कानून को ठेंगा दिखा रहे हैं।
”पैसे नहीं, हत्यारों को फांसी चाहिए” – पीयूष ठाकुर
इस पूरे मामले पर आक्रोश व्यक्त करते हुए सामाजिक संगठन ‘सेवा ही लक्ष्य’ (युवाशक्ति) के संस्थापक पीयूष ठाकुर ने मीडिया के माध्यम से सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। पीयूष ठाकुर ने दो टूक शब्दों में कहा:
“हमें सरकार से कोई मुआवजा या पैसा नहीं चाहिए। किसी मां का बेटा, किसी का भाई और किसी सुहागन का पति इस अपराध की वेदी पर चढ़ गया है। हमारी सिर्फ एक ही मांग है—हिमांशु के हत्यारों को फांसी की सजा हो।”
युवाशक्ति ने मांग की है कि घटना के वक्त डबल डाउन पब के बाहर पीसीआर (PCR) वैन में तैनात लापरवाह पुलिसकर्मियों को महज कागजी कार्रवाई के बजाय लाइफटाइम (आजीवन) निलंबित किया जाए, क्योंकि उनकी मौजूदगी के बावजूद अपराधी घटना को अंजाम देकर भागने में सफल रहे।
अवैध वसूली और माफिया राज का आरोप
युवाशक्ति के प्रमुख ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य में प्रशासन और अधिकारियों का काम अब सिर्फ अवैध वसूली करने वाले माफियाओं को संरक्षण देना रह गया है। जब दिनदहाड़े भीड़भाड़ वाले इलाके में एक आम नागरिक की जान सुरक्षित नहीं है, तो यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि पूरे कानून-व्यवस्था तंत्र का फेल होना (System Failure) है।
’सेवा ही लक्ष्य’ (युवाशक्ति) की मुख्य मांगें:
- 7 दिनों में गिरफ्तारी: हिमांशु सिंह हत्याकांड की उच्चस्तरीय जांच कर सभी अपराधियों को आगामी 7 दिनों के भीतर गिरफ्तार किया जाए।
- पुलिस गश्त और माफिया पर नकेल: पूरे जमशेदपुर में पुलिस गश्त तुरंत बढ़ाई जाए और शहर में सक्रिय माफियाओं पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।
- पीड़ित परिवार को संबल: पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
जनता पूछ रही है – हेमंत सोरेन जी, जवाब दीजिए!
शहर की जनता अब इस आतंक के माहौल से आजिज आकर सीधे सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जवाब मांग रही है:
- कब तक अपराधियों और माफियाओं को ऐसा मूक संरक्षण मिलता रहेगा?
- कब तक जमशेदपुर का आम नागरिक यूं ही सड़कों पर मारा जाएगा?
- सोते हुए झारखंड सरकार और जिला प्रशासन की नींद कब जागेगी?
तीसरी धारा न्यूज परिवार भी दिवंगत हिमांशु सिंह को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करता है। ईश्वर उनकी पुण्य आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और इस कठिन समय में शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।
– तीसरी धारा न्यूज डेस्क
