चाईबासा/जमशेदपुर: कोल्हान विश्वविद्यालय (KU) द्वारा अपनी आधिकारिक वेबसाइट को अपडेट करने की कवायद अब विवादों के घेरे में आ गई है। वेबसाइट के नए स्वरूप में सूचनाओं के अभाव और जटिलता को लेकर छात्र नेता अमर तिवारी ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने इस संबंध में झारखंड के राज्यपाल (कुलाधिपति) और उच्च शिक्षा सचिव को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।
वेबसाइट में ‘गुम’ हुई जरूरी जानकारी
अमर तिवारी के अनुसार, पहले की वेबसाइट में विद्यार्थियों के लिए नोटिस, एग्जाम अपडेट और सर्कुलर के अलग-अलग स्पष्ट कॉलम थे, जिससे जानकारी प्राप्त करना आसान था। लेकिन नई वेबसाइट में स्थिति इसके उलट है:
होम पेज पर सन्नाटा: होम पेज होने के बावजूद भी कोई नया नोटिफिकेशन या परीक्षा संबंधी अपडेट नहीं दिख रहा है।
लिंक की समस्या: एडमिशन के कॉलम पर क्लिक करने पर सीधे ‘चांसलर पोर्टल’ खुल जा रहा है, जिससे विश्वविद्यालय की अपनी विशिष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है।
जटिल डिजाइन: छात्र नेता का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन वेबसाइट को सरल बनाने के बजाय ‘लेंदी’ (पेचीदा) बना रहा है।
को-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज नामांकन में भी असमंजस
वेबसाइट की खामियों का सीधा असर वर्तमान नामांकन प्रक्रिया पर पड़ रहा है।
अधूरा नोटिफिकेशन: जमशेदपुर को-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज के नामांकन के लिए अधिसूचना तो जारी कर दी गई है, लेकिन इसमें सिलेबस (पाठ्यक्रम) और फॉर्म भरने की विस्तृत प्रक्रिया की कोई जानकारी नहीं दी गई है।
छात्रों की परेशानी: जानकारी के अभाव में छात्र साइबर कैफे और कॉलेजों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
राज्यपाल से शिकायत और मांग
अमर तिवारी ने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया है कि डिजिटल इंडिया के दौर में विश्वविद्यालय की वेबसाइट ऐसी होनी चाहिए जिसे एक सामान्य छात्र भी आसानी से एक्सेस कर सके। उन्होंने मांग की है कि:
वेबसाइट पर नोटिस बोर्ड और एग्जामिनेशन सेक्शन को तत्काल सुधारा जाए।
नामांकन प्रक्रिया से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी (जैसे सिलेबस और गाइडलाइंस) पोर्टल पर अपलोड की जाए।
तकनीकी टीम को निर्देश दिया जाए कि वेबसाइट को यूजर-फ्रेंडली बनाया जाए।
”विश्वविद्यालय का काम छात्रों की राह आसान करना है, न कि तकनीक के नाम पर उन्हें भ्रमित करना। अगर जल्द ही वेबसाइट दुरुस्त नहीं हुई, तो छात्र उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।” — अमर तिवारी, छात्र नेता
