जमशेदपुर: बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मरीन ड्राइव के समीप मंगलवार को स्थानीय लोगों की सूझबूझ से एक 13 वर्षीय किशोरी को संदिग्धों के चंगुल से बचा लिया गया। किशोरी को फिलहाल बेलडीह ग्राम बस्ती में सुरक्षित रखा गया है और पुलिस को मामले की विस्तृत जानकारी दे दी गई है।
क्या है पूरा मामला?
स्थानीय निवासी घनश्याम सोय के अनुसार, मंगलवार दोपहर किशोरी मरीन ड्राइव के पास अकेली और डरी-सहमी अवस्था में घूम रही थी। इसी दौरान बाइक सवार दो युवकों ने उसे जबरन अपने साथ ले जाने का प्रयास किया। बस्ती के लोगों ने जब यह दृश्य देखा, तो वे शोर मचाते हुए उसकी मदद के लिए दौड़े। भीड़ को अपनी ओर आता देख दोनों युवक बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए।
धोखे से ले जाई गई थी चाईबासा
किशोरी ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि वह मुसाबनी थाना क्षेत्र के लेपा गांव की रहने वाली है। उसने बताया कि:
- उसके पिता का देहांत हो चुका है और मां ने दूसरी शादी कर ली है।
- बस्ती की एक महिला उसे उसकी मां से मिलवाने के बहाने चाईबासा ले गई थी।
- वहां पहुंचने पर उस पर जबरन शादी करने का दबाव बनाया जाने लगा।
- खतरे को भांपते हुए वह वहां से किसी तरह भाग निकली और भटकते हुए मरीन ड्राइव पहुंची।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
किशोरी को सुरक्षित बचाने के बाद स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति नाराजगी देखी गई। निवासियों का आरोप है कि मरीन ड्राइव जैसे संवेदनशील इलाके में दिनदहाड़े अपहरण का प्रयास हुआ, लेकिन सूचना देने के बावजूद पुलिस समय पर नहीं पहुंची।
वर्तमान स्थिति: किशोरी फिलहाल सुरक्षित है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि वह महिला कौन थी जिसने उसे चाईबासा पहुँचाया और वे बाइक सवार युवक कौन थे।

