जमशेदपुर (बिष्टुपुर): शहर के पॉश इलाके सीएच एरिया के जाने-माने उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण मामले में छह दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को कोई बड़ी कामयाबी नहीं मिली है। मामले की गंभीरता और बढ़ते दबाव को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने अब कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा को केस की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी है।
हाजीपुर और सोनारी से तीन संदिग्ध हिरासत में
पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने कार्रवाई तेज करते हुए सोनारी के सोनू नामक युवक को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि सोनू का बिहार के अपराधियों से पुराना कनेक्शन रहा है और उस पर पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा, पुलिस की एक टीम ने बिहार के हाजीपुर में छापेमारी कर दो अन्य युवकों को उठाया है, जिनसे गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है।
तीन राज्यों में छापेमारी, 500 CCTV खंगाले गए
कैरव गांधी की सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस का जाल पड़ोसी राज्यों तक फैल गया है:
- बिहार: हाजीपुर, जहानाबाद और पटना में लगातार छापेमारी।
- पश्चिम बंगाल: कई संदिग्ध ठिकानों पर दबिश।
- तकनीकी जांच: पुलिस ने अब तक 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं, ताकि अपहरणकर्ताओं के भागने के रूट का पता चल सके।
CID और स्पेशल ब्रांच भी जांच में शामिल
स्थानीय पुलिस की विफलता को देखते हुए अब इस केस में सीआईडी (CID) और स्पेशल ब्रांच को भी लगा दिया गया है। जमशेदपुर और सरायकेला के करीब दो दर्जन से अधिक पुलिस अधिकारियों की टीम दिन-रात इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है। पुलिस का मुख्य फोकस अब उन ‘लोकल कनेक्शन’ और ‘सूत्रधारों’ पर है, जिन्होंने रेकी करने में अपहरणकर्ताओं की मदद की होगी।
परिजनों का बुरा हाल, मां की बढ़ी व्याकुलता
जैसे-जैसे समय बीत रहा है, कैरव के घर में मातम और चिंता गहराती जा रही है। अपहरण के छह दिन बीत जाने के बाद भी अपहरणकर्ताओं की ओर से कोई स्पष्ट फिरौती की मांग या संदेश न आने से परिवार सदमे में है। कैरव की मां की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है।
पुलिस का पक्ष: “अनुसंधान सही दिशा में जारी है। हमने कई संदिग्धों से पूछताछ की है। डीआईजी खुद मामले की निगरानी कर रहे हैं और हमें उम्मीद है कि जल्द ही कैरव गांधी को सकुशल बरामद कर लिया जाएगा।”
