रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित 64 बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (CDPO) की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली है। जून 2023 में शुरू हुई यह नियुक्ति प्रक्रिया लगभग ढाई साल के इंतजार के बाद अपने मुकाम पर पहुंची।
आयोग ने इस बार कार्यक्षमता का उदाहरण पेश करते हुए इंटरव्यू समाप्त होने के महज 24 घंटे के भीतर अंतिम परिणाम घोषित कर दिए हैं।
मेरिट में आरक्षित वर्ग का दबदबा
इस परिणाम की सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि 11 आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर अनारक्षित (General) मेरिट सूची में स्थान बनाया है।
* BC-1: 06 अभ्यर्थी
* BC-2: 03 अभ्यर्थी
* SC: 01 अभ्यर्थी
* EWS: 01 अभ्यर्थी
यह निर्णय आयोग के अध्यक्ष एल. खियांग्ते की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद लिया गया, जो चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और मेरिट को प्राथमिकता देने का संकेत है।
विभिन्न श्रेणियों के टॉपर्स की सूची
आयोग द्वारा जारी परिणामों के अनुसार, अलग-अलग श्रेणियों में निम्नलिखित अभ्यर्थियों ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया:
| श्रेणी | पुरुष टॉपर | महिला टॉपर |
| अनारक्षित (UR) | अंकित कुमार | पम्मी |
| अनुसूचित जनजाति (ST) | सुभाष मुर्मू | शालिनी कच्छप |
| अनुसूचित जाति (SC) | उदय राज देश | महेश्वरी कुमारी |
| BC-1 | – | सेफुन आलम |
बाल विकास योजनाओं को मिलेगी नई गति
64 नए नियमित अधिकारियों के आने से राज्य में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, कुपोषण उन्मूलन, और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में बड़ी तेजी आने की उम्मीद है। पिछले काफी समय से इन पदों के रिक्त होने के कारण जमीनी स्तर पर योजनाओं की मॉनिटरिंग प्रभावित हो रही थी।
> मुख्य बिंदु:
> * जून 2023 में विज्ञापन जारी हुआ था।
> * जून 2024 में मुख्य परीक्षा का आयोजन हुआ।
> * साक्षात्कार के 24 घंटे के अंदर ‘फास्ट ट्रैक’ परिणाम जारी।
