रांची (तीसरी धारा न्यूज), 11 अगस्त 2026:
झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन उग्र रूप ले चुका है। सोमवार को हजारों अभ्यर्थियों ने ‘विधानसभा घेराव’ मार्च निकाला। पुलिस बल और तीन स्तरीय बैरिकेडिंग को दरकिनार करते हुए प्रदर्शनकारी छात्र इतिहास में पहली बार झारखंड विधानसभा के गेट नंबर-1 तक पहुंचने में कामयाब रहे।
दिनभर संयम, रात ढलते ही बदला माहौल
सुबह से ही आंदोलनकारी छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। पुलिस ने शुरुआती चरण में छात्रों को रोकने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस के गोलों का प्रयोग किया। हालांकि, जैसे ही शाम ढली और बारिश शुरू हुई, पुलिस प्रशासन की ओर से कार्रवाई तेज कर दी गई।
मौके पर अचानक अफरातफरी मच गई और पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया गया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया।
छात्राओं पर भी कार्रवाई का आरोप, भारी तनाव
आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि रात के अंधेरे और बारिश के बीच पुलिस ने बर्बरता की हदें पार कर दीं।
- छात्राओं से मारपीट: छात्रों का दावा है कि प्रदर्शन में शामिल छात्राओं को भी नहीं बख्शा गया और उनके साथ भी हाथापाई व लाठीचार्ज किया गया।
- दौड़ा-दौड़ाकर खदेड़ा: पुलिसकर्मियों ने लाठियां भांजकर अभ्यर्थियों को विधानसभा गेट परिसर से बाहर खदेड़ दिया।
- स्थल पर तनाव: इस कार्रवाई के बाद देर रात तक विधानसभा के आसपास का इलाका छावनी में तब्दील रहा और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी, हेमंत सोरेन और रांची DC को घेरा
घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर बैक-टू-बैक कई पोस्ट कर सरकार और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।
- राहुल गांधी और हेमंत सोरेन पर हमला: सांसद ने आरोप लगाया कि युवाओं के रोजगार और न्याय के वादे करने वाली गठबंधन सरकार अपने ही राज्य के छात्रों पर लाठियां बरसा रही है।
- रांची DC पर निशाना: उन्होंने रांची के उपायुक्त (DC) मंजूनाथ भजंत्री की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पुलिस प्रशासन की कार्रवाई को तानाशाही करार दिया।
- पारदर्शिता की मांग: उन्होंने सवाल उठाया कि जब छात्र निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, तो सरकार संवाद करने के बजाय बल प्रयोग क्यों कर रही है?
क्या हैं आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगे?
झारखंड के विभिन्न जिलों से आए हजारों अभ्यर्थी लंबे समय से इस आंदोलन में शामिल हैं। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
- JPSC और JSSC की हालिया विवादित भर्ती परीक्षाओं को तत्काल रद्द करना।
- भर्ती प्रक्रिया में हुए कथित भ्रष्टाचार और धांधली की सीबीआई (CBI) या निष्पक्ष एजेंसी से उच्चस्तरीय जांच।
- पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करना और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करना।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
