चाईबासा : भाजपा का कोल्हान बंद पूरी तरह से बेअसर रहा । बंद को आम जनता का समर्थन नहीं ।भाजपा का चाल और चरित्र को जनता ने नकारा और कोल्हान बंद पूरी तरह से टांय टांय फुस हुई। चाईबासा सदर बाजार और चक्रधरपुर के शहरी क्षेत्र को छोड़कर जिला के अन्य हिस्सों में दुकानें आम दिनों की तरह खुले रहे, जनजीवन सामान्य रहा । सड़कों में यातायात सामान्य रहा । चाईबासा से चलने वाले यात्री वाहनों आम दिनों की तरह ही बेरोकटोक चलते रहे । यह बातें आज झामुमो जिला प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है। श्री लागुरी ने कहा कि भाजपा कोल्हान के शांत वातावरण में ज़हर घोल कर कोल्हान की शांति को भंग करना चाहता है । नो इंट्री को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान भाजपा के लोगों ने ही एक सोची समझी साजिश के तहत पत्थरबाजी कर हिंसा फैलाने का काम किया । हिंसा की साजिश रचने वाले सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए ।
चम्पाई सोरेन, मधु कोड़ा, गीता कोड़ा और जे बी तुबिद जैसे भाजपा नेताओं के गलत नीति के कारण ही आज आदिवासी समाज के लोग कानून के शिकंजे में फँस गए हैं । समाज को ऐसे तत्वों से सावधान रहने की आवश्यकता है । जिस तरह से भाजपा द्वारा आंदोलन को हाईजैक कर राज्य सरकार को बदनाम करने के नियत से की जा रही राजनीतिक को जनता समझ रही है । घाटशिला उप चुनाव में भाजपा किसी भी कीमत पर जितने की जो मंशा पाले हैं उसे कभी हासिल नहीं होगी। श्री लागुरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को नो इंट्री से इतना ही तकलीफ थी तो तांबो चौक में चल रहे आंदोलन में शरीक होकर विरोध प्रदर्शन करना चाहिए था। ऐसा नहीं कर भाजपा पिछले दरवाजे से आंदोलन को उग्र रुप बनाने में लगी रही जिसके कारण यह हादसा हुआ। जिला प्रशासन बहुत ही संयम के साथ आंदोलनकारियों के साथ शांति वार्ता कर रही थी। इसकी बीच सफेदपोश भाजपा के लोग अचानक गुलेल और बोतल बम से पुलिस पर हमला कर दिया था। जिसके बाद से नियंत्रण बिगड़ गई। और बेकसूर लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। इसकी सभी पहलू को जिला झामुमो और राज्य सरकार देख रही है। घाटशिला उप चुनाव समाप्त होने के बाद इस मामले पर माननीय मंत्री दीपक बिरुवा और राज्य सरकार निर्णय अवश्य लेगी। लेकिन घाटशिला उप चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन की हार का आभास देख पूरी तरह से घबरा गई है। इसलिए चाईबासा के घटनाक्रम को जोड़ कर चुनावी नैया पार करना चाहती है। पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा द्वारा उपायुक्त के साथ किए गए अभद्र व्यवहार की हम घोर निंदा करते हैं । अपना राजनीति भांजने के चक्कर में मधु कोड़ा ने सामाजिक संगठनों को बदनाम करने का काम किया है ।
