रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सदन के पटल पर रखी गई ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ में राज्य सरकार ने दो महत्वपूर्ण मुद्दों—बालू खनन और महिला बाल विकास विभाग में नियुक्तियों—पर विस्तृत जानकारी साझा की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि हाईकोर्ट की रोक हटने के बाद अब राज्य में बालू की किल्लत दूर होगी।
बालू खनन: 444 घाट चिह्नित, 298 की नीलामी संपन्न
विपक्ष के विधायक शशि भूषण मेहता द्वारा अवैध खनन पर उठाए गए सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि ‘झारखंड सैंड माइनिंग रूल्स-2025’ के तहत बालू आपूर्ति को सुव्यवस्थित किया जा रहा है।
- नीलामी का स्टेटस: राज्य में कैटेगरी-II के तहत कुल 444 बालू घाट चिह्नित किए गए हैं। इनमें से 298 घाटों की ई-नीलामी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
- प्रक्रियारत घाट: शेष 146 घाटों पर प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रिया जारी है, जिन्हें जल्द ही नीलाम किया जाएगा।
- कोर्ट का आदेश: विभाग ने जानकारी दी कि 13 जनवरी 2026 को हाईकोर्ट द्वारा रोक हटाए जाने के बाद अब जिला स्तर पर खनन कार्य शुरू करने की बाधाएं दूर हो गई हैं। इससे सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी के साथ निर्माण कार्यों को गति मिलेगी।
आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिका: संविदा पद होंगे समाप्त, होगी नियमित नियुक्ति
विधायक राज सिन्हा द्वारा आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाओं के नियमितीकरण को लेकर पूछे गए सवाल पर सरकार ने भविष्य की नीति साफ कर दी है।
- पदों का विलोपन: महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के अंतर्गत जो भी संविदाकर्मी कार्यरत हैं, उनकी संविदा अवधि समाप्त होते ही वे पद स्वत: (Automatically) समाप्त मान लिए जाएंगे।
- नया सेटअप: सरकार अब इन संविदा पदों की जगह नियमित रूप से सृजित पदों पर सीधी बहाली की प्रक्रिया शुरू करेगी।
- विभागीय आश्वासन: मंत्री चमरा लिंडा के आश्वासन के बाद 13 फरवरी को इस मामले को संबंधित विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया है।
एक नजर में मुख्य बिंदु
| विषय | वर्तमान स्थिति | आगामी योजना |
|---|---|---|
| बालू घाट | 298 नीलाम, 146 शेष | अवैध खनन पर रोक और सुचारु आपूर्ति |
| संविदा पद | अवधि खत्म होने पर पद समाप्त | नए नियमित पदों पर सीधी भर्ती |
| कानूनी स्थिति | हाईकोर्ट की रोक हटी (13 जन.) | जिला स्तर पर खनन कार्य का संचालन |
