जमशेदपुर: लौहनगरी में किशोरों के बीच मानसिक तनाव और आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्तियां एक गंभीर सामाजिक चिंता का विषय बनती जा रही हैं। सोमवार को परसुडीह थाना क्षेत्र के सोपोडेरा कुर्मी टोला में 17 वर्षीय छात्र अंकित लोहार ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस हृदयविदारक घटना के समय घर में उसकी 7 वर्षीय छोटी बहन के अलावा कोई नहीं था।
मासूम बहन ने शोर मचाकर दी जानकारी
अंकित लोहार, जो श्यामा प्रसाद स्कूल में कक्षा 9वीं का छात्र था, सोमवार को घर पर अपनी छोटी बहन के साथ था। उसकी मां, मोना लोहार, रोज की तरह सुबह काम पर गई हुई थी। घर के अंदर जब छोटी बहन ने भाई को फंदे से लटका देखा, तो वह चीखने लगी। मासूम के शोर मचाने पर पड़ोस के लोग और रिश्तेदार दौड़े आए और तुरंत अंकित को सदर अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अंकित के पिता का निधन पहले ही हो चुका था। उसकी मां मेहनत-मजदूरी कर अपने दोनों बच्चों का पालन-पोषण कर रही थी। अस्पताल पहुंचने पर अपने जवान बेटे का शव देख मां बदहवास हो गई। परिवार में अब केवल मां और उसकी 7 वर्षीय बेटी ही रह गए हैं।
पुलिस जांच और बढ़ती चिंता
घटना की सूचना मिलने पर एसआई ज्ञान भूषण तिग्गा मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू की।
जांच: पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का पता चल सके।
पोस्टमार्टम: शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
समाज के लिए चेतावनी: क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे मामले?
जमशेदपुर में बीते कुछ समय में यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले 29 नवंबर 2025 को बागबेड़ा में भी 13 वर्षीय छात्र नवनीत कुमार ने ऐसा ही आत्मघाती कदम उठाया था।
विशेषज्ञों की राय: बच्चों में बढ़ता एकाकीपन, पढ़ाई का दबाव या कोई अज्ञात मानसिक तनाव उन्हें ऐसे कदम उठाने पर मजबूर कर रहा है। यह समाज, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए एक गंभीर संकेत है कि वे बच्चों के व्यवहार में आ रहे बदलावों पर बारीकी से नजर रखें।
एक संदेश: अगर आप या आपका कोई परिचित तनाव में है या किसी मानसिक परेशानी से गुजर रहा है, तो कृपया किसी विश्वसनीय मित्र या विशेषज्ञ से बात करें। जीवन अनमोल है।
