जमशेदपुर | 16 फरवरी, 2026
लौहनगरी जमशेदपुर की लाइफलाइन कहे जाने वाले मानगो पुल पर जारी निर्माण कार्य और उससे उत्पन्न ट्रैफिक की समस्या अब आम जनता के लिए जी का जंजाल बन गई है। इस गंभीर मुद्दे पर ‘सेवा ही लक्ष्य (युवाशक्ति)’ संस्था के संस्थापक पीयूष ठाकुर ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन को आड़े हाथों लिया है।
”कोई सुरक्षा नहीं, हादसे का कौन होगा जिम्मेदार?”
पीयूष ठाकुर ने मीडिया के माध्यम से बताया कि मानगो में नए पुल का निर्माण महीनों से चल रहा है, लेकिन कार्यस्थल पर सुरक्षा के मानकों की भारी अनदेखी की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि:
”निर्माण स्थल पर न तो कोई उचित सुरक्षा घेरा है और न ही चेतावनी के संकेत। आए दिन यहाँ खाई और गड्ढे बन रहे हैं। अगर कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?”
मरीजों और गर्भवती महिलाओं की जान पर आफत
संस्था के संस्थापक ने पुराने पुल पर लगने वाले भीषण जाम पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जाम की वजह से:
- एम्बुलेंस समय पर अस्पताल नहीं पहुँच पा रही हैं।
- गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ रहा है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।
- आम जनता का कीमती वक्त और ईंधन बर्बाद हो रहा है।
DC और ट्रैफिक पुलिस से विशेष अपील
पीयूष ठाकुर ने जमशेदपुर के उपायुक्त (DC) श्री अनन्य मित्तल (नोट: वर्तमान DC के संदर्भ में सुधार) और ट्रैफिक विभाग से निम्नलिखित मांगें की हैं:
- भारी वाहनों पर रोक: जाम की स्थिति को देखते हुए व्यस्त समय में बड़े वाहनों के प्रवेश पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
- प्रशासनिक हस्तक्षेप: उपायुक्त स्वयं मामले का संज्ञान लें और निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ सुरक्षा सुनिश्चित करवाएं।
- ट्रैफिक मैनेजमेंट: जमशेदपुर ट्रैफिक पुलिस से विनती की गई है कि पुल पर जवानों की तैनाती बढ़ाई जाए ताकि यातायात सुचारू रह सके।
जन-संवाद: सेवा ही लक्ष्य की मुहिम
पीयूष ठाकुर ने स्पष्ट किया कि ‘सेवा ही लक्ष्य’ संस्था जनता के हक के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो जनता का आक्रोश बढ़ सकता है।
