जमशेदपुर: लौहनगरी में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। ताजा मामला उलीडीह थाना क्षेत्र का है, जहां बेखौफ अपराधियों ने एक कंपनी के सीनियर सुपरवाइजर और असिस्टेंट मैनेजर का अपहरण कर लिया। हालांकि, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज कुछ ही घंटों के भीतर दोनों अधिकारियों को सकुशल बरामद कर लिया और घटना में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
घटना 15 मई की तड़के करीब 3 बजे की है। डिमना-मानगो रोड स्थित सिग्नेचर बिल्डिंग के पास एक बिना नंबर वाली सफेद बोलेरो से आए पांच युवकों ने कंपनी के दोनों कर्मियों को रोका। अपराधियों ने उनसे 10 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। जब कर्मियों ने विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें जबरन बोलेरो में डालकर अपहरण कर लिया गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सूचना तंत्र के आधार पर त्वरित छापेमारी की और दोनों अपहृत कर्मियों को अपराधियों के चंगुल से छुड़ा लिया।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात में शामिल पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान इस प्रकार है:
- शिवा गौड़
- नितेश गोप
- आकाश प्रधान
- देवाशीष गोप
- शैलेश गोप
ये सभी आरोपी जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से वारदात में प्रयुक्त सफेद बोलेरो के अलावा एप्पल आईफोन, सैमसंग, वीवो, रियलमी और नथिंग कंपनी के स्मार्टफोन भी बरामद किए हैं।
जांच जारी
पुलिस फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अपहरण के पीछे किसी बड़े संगठित आपराधिक गिरोह का हाथ तो नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि शहर में शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
