Site icon

जमशेदपुर: जमाअत-ए-इस्लामी हिंद द्वारा ‘रابطा-ए-आम’ कार्यक्रम का आयोजन, आपसी भाईचारे और सद्भावना पर दिया ज़ोर

जमशेदपुर | 26 जनवरी, 2026

​बीते कल, 25 जनवरी को शहर के ‘एशियन इन होटल’ में जमाअत-ए-इस्लामी हिंद, झारखंड की ओर से एक विशेष पब्लिक रिलेशन (रابطा-ए-आम) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य समाज में आपसी भाईचारे, सद्भावना और भारत की साझा विरासत यानी ‘गंगा-जमुनी तहज़ीब’ को मज़बूत करना था।

मुख्य अतिथि का संबोधन: पुराने भारत की झलक और भविष्य की राह

​कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री आई. करीमुल्लाह साहब ने अपने प्रभावशाली संबोधन में पुराने भारत की सहिष्णुता और प्रेमपूर्ण समाज की तस्वीर पेश की। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को प्रेरित करते हुए कहा कि वर्तमान दौर की चुनौतियों के बीच हमें अपने मोहल्लों, गलियों और समाज के हर स्तर पर सक्रिय होकर काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने माइक्रो फाइनेंस, चेंबर ऑफ कॉमर्स, GIO, SIO, IITA, PRO और APCR जैसे विभिन्न क्षेत्रों में संगठन की भूमिका का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे ये मंच समाज सेवा में योगदान दे रहे हैं।

प्रमुख वक्ताओं के विचार

बुद्धिजीवियों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

​कार्यक्रम को सफल बनाने में शाहिद अख्तर और हैदर इमाम की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसकी सराहना अमीर मकाम (जमशेदपुर) तौहीदुल हसन ने की। इस अवसर पर जमशेदपुर के कई बुद्धिजीवी, समाजसेवी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

वर्गप्रमुख नाम
राजनीतिक एवं सामाजिक नेतृत्वरियाज़ ख़ान (कांग्रेस नेता), रियाज़ शरीफ, सतेंद्र सिंह, सुनील बर्नवाल
शिक्षाविद एवं बुद्धिजीवीप्रोफेसर फ़ख़रुद्दीन, प्रोफेसर ज़की अख्तर, रविंद्र कुमार (मंथन)
एनजीओ एवं सेवा संगठनख़लील अंसारी (अल-मनार), भोमा पाजी, आबिद हुसैन
अन्य गणमान्यजवादुल हसन, एन. कुमार, हसन इमाम मलिक, तनवीर अख्तर रोमानी
Exit mobile version