जमशेदपुर | तीसरी धारा न्यूज
लौहनगरी जमशेदपुर में इस वर्ष रामनवमी का उत्सव अभूतपूर्व और ऐतिहासिक होने जा रहा है। बिष्टुपुर स्थित माइकल जॉन ऑडिटोरियम में जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी समिति और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘संवाद कार्यक्रम’ में शहर के तमाम अखाड़ा समितियों ने एक स्वर में पारंपरिक उल्लास और पूर्ण सौहार्द के साथ अखाड़ा निकालने का संकल्प लिया।
प्रमुख निर्णय और घोषणाएं
बैठक का शुभारंभ ‘वंदे मातरम’ और प्रभु श्री राम के भक्ति गीतों के साथ हुआ। सर्वसम्मति से तय किया गया कि:
- 27 मार्च: पूरे विधि-विधान के साथ रामनवमी पूजा संपन्न होगी।
- 28 मार्च: शहर की सड़कों पर अखाड़ों का पारंपरिक जुलूस और शौर्य प्रदर्शन दिखेगा।
प्रशासन के समक्ष रखी गई मांगें
केंद्रीय समिति के संरक्षक अभय सिंह और अध्यक्ष अरुण सिंह ने स्पष्ट किया कि किसी भी समिति को आने वाली प्रशासनिक अड़चनों को दूर करने के लिए केंद्रीय समिति जिला प्रशासन के साथ सेतु का काम करेगी। संवाद के दौरान अखाड़ा समितियों ने कई महत्वपूर्ण बिंदु उठाए:
- ट्रैफिक मैनेजमेंट: दशमी की शोभायात्रा के दौरान टकराव से बचने के लिए वैकल्पिक मार्ग और ट्रैफिक रोकने की व्यवस्था सुनिश्चित हो।
- सुरक्षा घेरा: संवेदनशील क्षेत्रों (सेंसिटिव जोन) में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की मांग की गई।
- घाटों की सफाई: विसर्जन से पूर्व नदियों में डैम का पानी छोड़ने का आग्रह किया गया ताकि घाटों पर गंदगी न रहे।
- स्थानीय मुद्दे: भुइयांडीह के उदय सिंह अखाड़ा ने थानों में केवल संबंधित समितियों के साथ बैठक करने और पारडीह श्रमिक बजरंग अखाड़ा ने अतिक्रमण हटाए जाने तक अखाड़ा न निकालने की बात प्रमुखता से रखी।
रामोत्सव का संदेश
विहिप जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता ने भारतीय नववर्ष (19 मार्च) से लेकर हनुमान जन्मोत्सव तक ‘रामोत्सव’ मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए प्रभु श्री राम के जीवन का अनुसरण करना अनिवार्य है।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस विशाल संवाद कार्यक्रम में कदमा, सोनारी, साकची, मानगो, जुगसलाई, बिष्टुपुर, गोलमुरी, बागबेड़ा और परसुडीह सहित पूरे शहर के अखाड़ा प्रतिनिधि, विहिप और हिंदूपीठ के अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम के सफल संचालन में कोषाध्यक्ष दिलजय बोस की विशेष भूमिका रही।
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