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जमशेदपुर: लक्ष्य से पिछड़ने वाले विभागों पर उपायुक्त सख्त, राजस्व संग्रहण में तेजी लाने का अल्टीमेटम

जमशेदपुर: जिला समाहरणालय सभागार में गुरुवार को उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राजस्व संग्रहण (Revenue Collection), भू-अर्जन, नीलाम पत्र और टाटा लीज भूमि पर अतिक्रमण जैसे गंभीर विषयों पर गहन चर्चा हुई। उपायुक्त ने सभी विभागों को वर्तमान वित्तीय वर्ष (2025-26) के निर्धारित लक्ष्यों को हर हाल में शत-प्रतिशत प्राप्त करने का कड़ा निर्देश दिया।

राजस्व संग्रहण: कुछ विभागों ने मारी बाजी, कुछ अभी भी पीछे

​उपायुक्त ने विभागवार राजस्व की समीक्षा की, जिसमें परिवहन और बिजली विभाग का प्रदर्शन सराहनीय रहा, जबकि खनन और राज्य कर विभाग को कार्यप्रणाली सुधारने के निर्देश दिए गए:

अतिक्रमणकारियों पर गिरेगी गाज: यातायात व्यवस्था प्राथमिकता

​शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए उपायुक्त ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने निर्देश दिया कि मुख्य चौक-चौराहों, बाजारों और सड़कों पर अतिक्रमण कर जाम की स्थिति पैदा करने वालों के विरुद्ध विधि-सम्मत कड़ी कार्रवाई की जाए। विशेषकर टाटा लीज भूमि पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाने और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया।

भू-अर्जन और मुआवजा भुगतान में तेजी के निर्देश

​राष्ट्रीय और राजकीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) और रैयतों को दिए जाने वाले मुआवजे के भुगतान में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने ड्रेन निर्माण, यूटिलिटी शिफ्टिंग और वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने की प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर बल दिया।

बकायेदारों पर होगी ‘कुर्की-जब्ती’ की कार्रवाई

​नीलाम पत्र (Certificate Case) की समीक्षा के दौरान अपर उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित मामलों में केवल नोटिस तक सीमित न रहें। बकायेदारों से वसूली के लिए वारंट, कुर्की और नीलामी जैसे कड़े कदम उठाए जाएं।

बैठक में मौजूद मुख्य अधिकारी

​समीक्षा बैठक में अपर उपायुक्त, उप नगर आयुक्त (JNAC), जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, एसडीओ घाटशिला, पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, सभी अंचलाधिकारी (CO), एनएचएआई (NHAI), रेलवे और टाटा स्टील के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

उपायुक्त का संदेश: “आंतरिक संसाधनों से राजस्व बढ़ाना और जनहित की योजनाओं के लिए भूमि अर्जन की बाधाओं को दूर करना हमारी प्राथमिकता है। कार्य में लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।”

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