जमशेदपुर। बर्मामाइंस के ईस्ट प्लांट बस्ती स्थित श्री श्री दक्षिणेश्वरी मां काली मंदिर का द्वितीय स्थापना दिवस शनिवार को अत्यंत धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर आयोजित कलश यात्रा और विशाल भंडारे ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया।
कलश यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
स्थापना दिवस समारोह की शुरुआत शनिवार सुबह भव्य कलश यात्रा के साथ हुई। गाजे-बाजे के साथ निकली इस यात्रा में सैकड़ों महिलाओं ने हिस्सा लिया। यह यात्रा मंदिर प्रांगण से शुरू होकर साकची होते हुए दोमुहानी पहुंची। वहां पवित्र जल भरने के पश्चात श्रद्धालु पुनः मंदिर लौटे। कलश स्थापना के बाद पुरोहित सुमन भट्टाचार्य के सानिध्य में मां काली का महास्नान और विधि-विधान से विशेष पूजन संपन्न हुआ।
1936 से जुड़ा है इतिहास
मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष गलविंदर सिंह संधू (ग्वाले) ने मंदिर के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यहाँ मां काली की पूजा की परंपरा वर्ष 1936 से उनके पूर्वजों द्वारा शुरू की गई थी। उन्होंने कहा:
”17 जनवरी 2024 को हमने इस मंदिर की भव्य स्थापना और प्राण-प्रतिष्ठा की थी। आज मां की कृपा और समाज के सहयोग से यह भक्ति का केंद्र बन चुका है। यहाँ हर माह की अमावस्या को विशेष पूजा और भोग वितरण किया जाता है।”
विशाल भंडारा और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
पूजन के पश्चात मंदिर समिति द्वारा महाप्रसाद (भंडारा) का आयोजन किया गया, जो देर शाम तक चला। इस भंडारे में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में शहर की कई जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
- शिव शंकर सिंह (समाजसेवी)
- प्रदीप कुमार यादव (थाना प्रभारी, बर्मामाइन्स)
- संजय मिश्रा (वरिष्ठ पत्रकार)
- संजीव भारद्वाज (अध्यक्ष, जमशेदपुर प्रेस क्लब)
इनका रहा विशेष योगदान
आयोजन को सफल बनाने में उमा शंकर बेरा, सुजीत कुमार राउत, अरुण प्रसाद, हरिश्चंद्र प्रसाद, दुर्गानंद दुबे, संतोष सिंह, रंजीत कुमार राउत, अजीत कुमार राउत, राजीव कुमार झा, राहुल, अविनाश सिंह और अभिजित राउत सहित मंदिर समिति के सभी सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
