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जमशेदपुर: मासूम मेंहदी पर खौलती चाय फेंकने के मामले में विधायक पूर्णिमा साहू की बड़ी पहल, TMH प्रबंधन को मिले कड़े निर्देश

जमशेदपुर (बिस्टुपुर): शहर के बिस्टुपुर थाना क्षेत्र में पिछले दिनों मासूम बच्ची ‘मेंहदी’ पर असामाजिक तत्वों द्वारा खौलती चाय फेंकने की जघन्य वारदात ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। इस हृदयविदारक घटना में बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई थी, जिसका वर्तमान में टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) में उपचार चल रहा है।

​अब इस मामले में जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने हस्तक्षेप करते हुए बच्ची के बेहतर इलाज और परिजनों को राहत दिलाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।

परिजनों ने लगाया था दबाव बनाने का आरोप

​अस्पताल में भर्ती बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया था कि मासूम की स्थिति अभी भी नाजुक है और उसे निरंतर चिकित्सकीय देखरेख की आवश्यकता है। बावजूद इसके, अस्पताल प्रबंधन की ओर से इलाज के लिए लगातार पैसे जमा करने का दबाव बनाया जा रहा था और बच्ची को समय से पहले ही डिस्चार्ज करने की बात कही जा रही थी। आर्थिक रूप से कमजोर परिजनों के लिए यह दोहरी मार के समान था।

विधायक की सक्रियता: DC और टाटा स्टील VPCS से की बात

​मामला संज्ञान में आते ही विधायक पूर्णिमा साहू हरकत में आईं। उन्होंने तुरंत टाटा स्टील के VPCS (Vice President Corporate Services) और पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त (DC) से संपर्क साधा। विधायक ने अधिकारियों के समक्ष स्पष्ट रूप से मांग रखी कि:

अधिकारियों ने दिया भरोसा: “स्वस्थ होने के बाद ही मिलेगी छुट्टी”

​विधायक के हस्तक्षेप के बाद दोनों ही उच्च अधिकारियों ने सकारात्मक रुख अपनाया है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मेंहदी के इलाज में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। उसे अस्पताल में हर संभव चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी और पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही घर भेजा जाएगा। प्रशासन और प्रबंधन द्वारा मिले इस आश्वासन के बाद पीड़ित परिवार ने थोड़ी राहत की सांस ली है।

सामाजिक आक्रोश और सुरक्षा पर सवाल

​गौरतलब है कि बिस्टुपुर जैसे व्यस्त इलाके में एक मासूम पर इस तरह का जानलेवा हमला पुलिस गश्ती और असामाजिक तत्वों के बढ़ते हौसलों पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि हमलावरों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई हो जो नजीर बन सके।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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