जमशेदपुर: लौहनगरी के बिष्टुपुर स्थित गोस्वामी मंदिर में बुधवार को हिन्दू उत्सव समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि सोनारी स्थित दोमुहानी नदी घाट (स्वर्णरेखा और खरकई नदी का संगम) पर 13 और 14 जनवरी को भव्य ‘दोमुहानी संगम महोत्सव 2026’ का आयोजन किया जाएगा।
यह महोत्सव ‘हिन्दू उत्सव समिति’ और ‘उम्मीद एक अभियान’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहा है, जिसका मुख्य आकर्षण बनारस और हरिद्वार की तर्ज पर होने वाली भव्य गंगा आरती होगी।
कार्यक्रम की रूपरेखा:
- 13 जनवरी (शुक्रवार): शाम को महोत्सव का विधिवत उद्घाटन होगा। सबसे पहले पर्यावरण और नदी संरक्षण पर व्याख्यान होगा, जिसके बाद भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान धर्म और पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाओं को सम्मानित भी किया जाएगा।
- 14 जनवरी (शनिवार): मकर संक्रांति के अवसर पर शाम 3 बजे से नदी पूजन शुरू होगा, जिसके बाद भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा।
नदी संरक्षण का अनूठा संदेश
समिति के अध्यक्ष अधिवक्ता रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि इस वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शहर की जीवन रेखा स्वर्णरेखा नदी को आस्था से जोड़कर इसके प्रदूषित हो रहे स्वरूप को बचाना है। लोगों को प्रकृति और नदियों के प्रति संवेदनशील बनाना ही इस महोत्सव का मूल लक्ष्य है।
बनारस के 11 पुरोहितों का शंखनाद
महोत्सव की भव्यता के लिए विशेष रूप से बनारस से 11 पुरोहितों को आमंत्रित किया गया है। ये पुरोहित अपने पारंपरिक परिधानों में डमरू और शंखनाद के साथ 48 मिनट तक निरंतर महाआरती करेंगे, जिससे पूरा संगम तट भक्तिमय हो उठेगा।
बैठक में उपस्थित गणमान्य
बैठक में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग उपस्थित थे, जिनमें समाजसेवी मनोज सिंह, बन्दे शंकर, जटाशंकर पाण्डेय, अश्वनी झा, विहिप के जेएन दास, उम्मीद एक अभियान के अध्यक्ष सुखदेव सिंह, आरएसएस के संजय कुमार और बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता शामिल थीं। सभी कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मुख्य बिंदु: > * स्थान: दोमुहानी संगम तट, सोनारी।
- विशेष: 48 मिनट की महाआरती और पर्यावरण संरक्षण पर जोर।
- तैयारी: सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था।
