जमशेदपुर / टाटानगर / डेस्क:
रेलवे क्रॉसिंग पर होने वाली दुर्घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाने और आम जनता को सुरक्षित आवागमन के प्रति सचेत करने के उद्देश्य से एक विशेष मुहिम चलाई गई। ‘अंतर्राष्ट्रीय लेवल क्रॉसिंग जागरूकता दिवस’ के अवसर पर टाटानगर रेल सिविल डिफेंस टीम द्वारा विभिन्न रेलवे क्रॉसिंग फाटकों पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान टीम के सदस्यों ने नुक्कड़ नाटक और हैंडबिल (पर्चे) वितरण के माध्यम से राहगीरों को रेलवे फाटक पार करने के कड़े नियमों की जानकारी दी।
यह पूरा जागरूकता कार्यक्रम चक्रधरपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा एवं संरक्षा अधिकारी गरियान मृणाल के कुशल निर्देशन में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य रेल मंडल क्षेत्र में लेवल क्रॉसिंग दुर्घटनाओं को शून्य (Zero) स्तर पर लाना है।
जुगसलाई और सुंदरनगर जैसे संवेदनशील फाटकों पर नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति
अभियान की शुरुआत शहर के सबसे व्यस्त और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में शुमार जुगसलाई रेलवे क्रॉसिंग और सुंदरनगर फाटक के समीप से की गई। यहाँ सिविल डिफेंस की टीम ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर लोगों को बताया कि अनियंत्रित या लापरवाहीपूर्वक रेलवे ट्रैक पार करना कितना जानलेवा हो सकता है।
इसके साथ ही, लोगों को रेल अधिनियम के तहत मिलने वाले कड़े दंड और सजा के कानूनी प्रावधानों से भी अवगत कराया गया। टीम ने जुगसलाई स्थित पूर्व रेल क्रॉसिंग रोड ओवर ब्रिज (ROB), परसुडीह, करनडीह तथा सुंदरनगर रेलवे क्रॉसिंग पर लोगों से संवाद किया।
सुरक्षित क्रॉसिंग के लिए सिविल डिफेंस टीम के मूल मंत्र:
अभियान के दौरान राहगीरों और वाहन चालकों को सुरक्षा से जुड़े इन महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी गई:
- रुकें और देखें: रेलवे क्रॉसिंग पार करने से पहले हमेशा रुकें, ट्रैक के दोनों ओर ध्यान से देखें।
- संकेतों को समझें: सिग्नल, चेतावनी लाइटों और ट्रेन की सीटी की आवाज पर विशेष ध्यान दें।
- बंद फाटक पर नो-एंट्री: फाटक बंद रहने की स्थिति में उसके नीचे से बाइक निकालना या ऊपर चढ़कर पार करने का प्रयास कभी न करें।
- ROB और RUB का उपयोग: रेलवे क्रॉसिंग पर उपलब्ध रोड ओवर ब्रिज (ROB) और रोड अंडर ब्रिज (RUB) का अधिकाधिक इस्तेमाल करें, भले ही इसमें थोड़ा समय अधिक लगे।
थोड़ी सी सावधानी बचा सकती है कई अनमोल जिंदगियां: संतोष कुमार
”रेलवे लाइनें देश और राज्य के विकास की जीवनरेखा हैं। इन्हें दुर्घटनाओं और आत्मघाती घटनाओं का केंद्र नहीं बनने देना चाहिए। नागरिकों को शॉर्टकट के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डालने से बचना चाहिए। रोड ओवर ब्रिज और रोड अंडर ब्रिज का उपयोग कर सुरक्षित यात्रा करें और एक जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें। थोड़ी सी सावधानी और नियमों का पालन अनेक लोगों की जान बचा सकता है।”
– संतोष कुमार, राष्ट्रपति से सम्मानित सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर
इनकी रही सराहनीय भूमिका:
इस विशेष अभियान को सफल बनाने में सिविल डिफेंस के सहायक प्रशिक्षक कल्याण कुमार साहू, डेमोंस्ट्रेटर गीता कुमारी, डी. आनंद राव, वीरेंद्र कुमार, अनामिका मंडल, विनोद कुमार, रमेश कुमार, संजय कुमार, दीपक कुमार, सरस्वती मुर्मू और अमित कुमार सहित कई स्वयंसेवकों ने अपनी सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
तीसरी धारा न्यूज की रिपोर्ट।

