नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सड़क निर्माण के क्षेत्र में एक नया वैश्विक मानदंड स्थापित करते हुए इतिहास रच दिया है। बेंगलुरु-कडप्पा-विजयवाड़ा इकोनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण के दौरान एनएचएआई ने लगातार बिटुमिनस कंक्रीट बिछाने के कार्य में एक साथ चार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं।
टूटा पुराना रिकॉर्ड: 156 लेन-किलोमीटर का नया कीर्तिमान
एनएचएआई ने हाईवे इंजीनियरिंग में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करते हुए कुल 156 लेन-किलोमीटर सड़क पर लगातार बिटुमिनस कंक्रीट की परत बिछाई। इस विशाल कार्य में कुल 57,500 मीट्रिक टन सामग्री का उपयोग किया गया।
उल्लेखनीय है कि पिछला विश्व रिकॉर्ड केवल 84.4 लेन-किलोमीटर का था, जिसे भारत ने लगभग दोगुने अंतर से पीछे छोड़ दिया है।
नितिन गडकरी ने थपथपाई टीम की पीठ
इस असाधारण सफलता पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एनएचएआई की टीम और कंसेशनायर कंपनी राजपथ इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड को हार्दिक बधाई दी।
उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी साझा करते हुए कहा:
”यह सफलता आधुनिक तकनीक और सख्त गुणवत्ता मानकों का परिणाम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर रहा है। यह रिकॉर्ड हमारी बढ़ती इंजीनियरिंग क्षमता का जीवंत प्रमाण है।”
दक्षिण भारत की कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार
यह प्रोजेक्ट केवल रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके दूरगामी आर्थिक लाभ भी होंगे:
- आर्थिक गलियारा: बेंगलुरु-कडप्पा-विजयवाड़ा कॉरिडोर से दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों के बीच की दूरी कम होगी।
- व्यापार को बढ़ावा: बेहतर कनेक्टिविटी से माल ढुलाई आसान होगी और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
- समय की बचत: आधुनिक तकनीक से बनी ये सड़कें लंबी अवधि तक टिकाऊ रहेंगी और यात्रा समय को कम करेंगी।
सफलता के मुख्य बिंदु:
- रिकॉर्ड की संख्या: 04 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड।
- काम की लंबाई: 156 लेन-किलोमीटर (लगातार)।
- सामग्री की खपत: 57,500 मीट्रिक टन बिटुमिनस कंक्रीट।
- प्रमुख सहयोगी: राजपथ इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड।
