जमशेदपुर (तीसरी धारा न्यूज): लौहनगरी जमशेदपुर में इन दिनों अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो गए हैं कि आम शहरी खुद को असुरक्षित महसूस करने लगा है। शहर में आए दिन राह चलते अपराधी बड़ी-बड़ी वारदातों को अंजाम देकर आसानी से निकल जा रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि कानून तोड़ने वालों के मन से पुलिस प्रशासन का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है। कभी चापड़, कभी चाकूबाजी तो कभी सरेआम गोलियां चलना अब शहर में आम बात होती जा रही है। हालात को देखकर ऐसा लगने लगा है कि मानो यह शांत शहर अब अपराधियों की सुरक्षित पनाहगाह बनता जा रहा है।
सरकार और जमशेदपुर पुलिस प्रशासन पर जनता का फूटा गुस्सा
अपराध के बढ़ते ग्राफ को लेकर अब आम जनमानस का धैर्य जवाब देने लगा है। शहर की जनता सीधे तौर पर राज्य सरकार और जमशेदपुर पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रही है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि आधुनिक संसाधनों के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई ठोस बदलाव क्यों नहीं दिख रहा है।
नई गाड़ियाँ मिलने के बाद भी पैट्रोलिंग भगवान भरोसे: आम जनमानस
जनता का स्पष्ट आरोप है कि पुलिस की पैट्रोलिंग पार्टी अपने कर्तव्यों का निर्वहन सही तरीके से नहीं कर रही है। लोगों का कहना है:
“प्रशासन को क्षेत्र में मुस्तैदी बढ़ाने के लिए नई-नई गाड़ियाँ और अत्याधुनिक संसाधन मुहैया कराए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद सड़कों पर पुलिस की सक्रियता न के बराबर है। प्रशासन का यह ढीला रवैया ही अपराधियों को शह दे रहा है।”
शहरी इलाकों से लेकर रिहायशी कॉलोनियों तक में रात के समय गश्त की भारी कमी देखी जा रही है, जिसका सीधा फायदा असामाजिक तत्व उठा रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग
जमशेदपुर की जनता अब पुलिस के आला अधिकारियों से केवल आश्वासनों की उम्मीद नहीं, बल्कि धरातल पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है। अगर समय रहते पैट्रोलिंग व्यवस्था को चाक-चौबंद नहीं किया गया और अपराधियों के खिलाफ कोई कड़ा अभियान नहीं चलाया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
– तीसरी धारा न्यूज
