नई दिल्ली/देशभर: आज 3 मार्च 2026 को पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ होलिका दहन का पर्व मनाया जा रहा है। हालांकि, इस वर्ष फाल्गुन पूर्णिमा पर ग्रहों का एक दुर्लभ और जटिल संयोग बन रहा है। आज सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में चंद्र ग्रहण लग रहा है, जिसके कारण होलिका दहन के समय को लेकर लोगों में काफी जिज्ञासा है।
चंद्र ग्रहण और सूतक काल का समय
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आज दोपहर से ही ग्रहण का प्रभाव शुरू हो जाएगा। द्रिक पंचांग के मुताबिक समय सारणी कुछ इस प्रकार है:
- चंद्र ग्रहण का समय: दोपहर 3:21 बजे से शाम 5:46 बजे तक।
- सूतक काल: आज सुबह 6:20 बजे शुरू हो चुका है, जो शाम 6:46 बजे समाप्त होगा।
- पूर्णिमा तिथि: आज शाम 05:07 बजे समाप्त हो जाएगी (आरंभ: 2 मार्च, शाम 5:55 बजे)।
आज कब होगा होलिका दहन?
शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण और सूतक काल के दौरान शुभ कार्य वर्जित होते हैं। इसलिए आज होलिका दहन शाम 6:47 बजे (सूतक समाप्ति के बाद) से लेकर रात 8:50 बजे के बीच करना सबसे श्रेष्ठ और शुभ रहेगा।
प्रमुख शहरों में होलिका दहन का शुभ समय
नीचे दी गई तालिका में आप अपने शहर के अनुसार सटीक समय देख सकते हैं:
| शहर | होलिका दहन का समय (आज शाम) |
|---|---|
| दिल्ली / नोएडा | शाम 6:48/6:50 से रात 8:50 तक |
| लखनऊ / वाराणसी | शाम 6:52/6:48 से रात 8:48/8:50 तक |
| जयपुर / जोधपुर | शाम 6:47 से रात 8:50 तक |
| पटना / रांची | शाम 6:54 से रात 8:15 तक |
| मुंबई / बेंगलुरु | शाम 6:48/6:47 से रात 8:50 तक |
| भोपाल / रायपुर | शाम 6:48/6:47 से रात 8:50/8:47 तक |
कल खेली जाएगी रंगों वाली होली
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक ‘होलिका दहन’ आज संपन्न होने के बाद, कल 4 मार्च 2026 को देशभर में रंगों का त्योहार धुलेंडी (होली) हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि ग्रहण के बाद पवित्र नदियों में स्नान और दान का विशेष महत्व है, जिससे ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग गणनाओं पर आधारित है। तीसरी धारा न्यूज केवल सूचनात्मक उद्देश्य से इसे साझा कर रहा है। स्थानीय परंपराओं के अनुसार समय में आंशिक भिन्नता संभव है।
