Site icon

सोने-चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल: इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ते ही सोना 1.64 लाख और चांदी 3 लाख के पार

नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) बढ़ाने के फैसले का असर घरेलू बाजार पर तुरंत और बेहद तीखा देखने को मिला है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। जहां सोने की कीमत में एक ही दिन में 11,000 रुपये से ज्यादा की तेजी आई, वहीं चांदी ने पहली बार 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का ऐतिहासिक स्तर पार कर लिया।n71205025817786511755241144f11712ecce680dbdd4a4724d9ef55cc4f3443fed8c962003272d4f79f0a2

बाजार में जबरदस्त हलचल

​वायदा बाजार के आंकड़ों के अनुसार:

क्यों बढ़ी कीमतें?

​कीमतों में इस भारी उछाल की मुख्य वजह सरकार द्वारा इंपोर्ट टैरिफ को 6% से बढ़ाकर 15% करना है। इसमें 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% कृषि बुनियादी ढांचा एवं विकास उपकर (AIDC) शामिल है। सरकार ने यह कदम गिरते रुपये को थामने, व्यापार घाटे को कम करने और सोने के आयात पर निर्भरता घटाने के लिए उठाया है।

​इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका-ईरान युद्ध की अनिश्चितता और डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव ने भी सोने-चांदी को ‘सुरक्षित निवेश’ के रूप में मजबूती दी है।

इंटरनेशनल मार्केट बनाम घरेलू बाजार

​दिलचस्प बात यह है कि जहां भारतीय बाजारों में कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड की कीमतों में करीब 0.4% की गिरावट देखी गई और यह 4,695.99 डॉलर प्रति औंस पर रहा। घरेलू बाजार में बढ़ी कीमतें मुख्य रूप से बढ़ी हुई ड्यूटी के साथ तालमेल बिठाने (Price Adjustment) का परिणाम हैं।

क्या आगे गिरेंगे दाम?

​कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि कीमतों में यह उछाल फौरी प्रतिक्रिया है। एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार, सरकार का मकसद आयात कम करना है। ड्यूटी बढ़ने से मांग में कमी आ सकती है, जिसके चलते अगले कुछ दिनों में कीमतों में सुधार (गिरावट) देखने को मिल सकता है। हालांकि, यह गिरावट कितनी होगी, इसके लिए बाजार के अगले कुछ सत्रों पर नजर रखनी होगी।

तीसरी धारा न्यूज

Exit mobile version