जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) मेडिकल कॉलेज के नाम आज एक बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के संस्थान नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन डिजिटल हेल्थ एंड डेटा साइंस (NIRDHDS) ने MGM के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
गर्व की बात यह है कि झारखंड का यह पहला मेडिकल कॉलेज है, जिसके साथ ICMR ने मेडिकल रिसर्च के लिए ऐसा करार किया है।
डिजिटल हेल्थ और AI से बदलेगी जांच की तस्वीर
इस समझौते के बाद MGM मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा अनुसंधान के एक नए युग की शुरुआत होगी। अब बीमारियों की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जाएगा।
समझौते की मुख्य बातें:
- डिजिटल पैथोलॉजी: हिस्टोपैथोलॉजी, साइटोपैथोलॉजी और हेमेटोपैथोलॉजी स्लाइड्स का डिजिटलीकरण किया जाएगा।
- सटीक डायग्नोसिस: AI आधारित सपोर्ट सिस्टम के जरिए मेडिकल इमेजेस का विश्लेषण होगा, जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की पहचान शुरुआती स्तर पर और अधिक सटीकता से हो सकेगी।
- डेटा साइंस: मरीजों की जांच से जुड़े डेटा का उपयोग भविष्य की रिसर्च और जटिल रोगों के विश्लेषण के लिए किया जाएगा।
डॉक्टरों और छात्रों के लिए खुलेंगे सुनहरे अवसर
यह समझौता केवल रिसर्च तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अकादमिक क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
- संयुक्त रिसर्च प्रोग्राम: कॉलेज के छात्रों और डॉक्टरों को संयुक्त रूप से MD, PhD और पोस्ट-डॉक्टरल रिसर्च करने का मौका मिलेगा।
- स्किल डेवलपमेंट: मेडिकल इमेज एनालिसिस और डिजिटल हेल्थ पर विशेष वर्कशॉप, सेमिनार और ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जाएंगे।
- विशेषज्ञों की निगरानी: इस 5 साल के करार के दौरान होने वाले प्रोजेक्ट्स की देखरेख दोनों संस्थानों के विशेषज्ञों वाली एक संचालन समिति करेगी।
एक्सपर्ट व्यू: झारखंड के लिए मील का पत्थर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस करार से झारखंड में ‘डिजिटल हेल्थ’ के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में यहाँ के मरीजों को बेहतर और तेज डायग्नोस्टिक सुविधाएं मिलेंगी, जिससे इलाज की प्रक्रिया सुगम हो जाएगी।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
