नई दिल्ली/डेस्क: मध्य-पूर्व (मिडल ईस्ट) में बढ़ते तनाव और ईरान-इजराइल युद्ध के पदचापों का सीधा असर अब भारतीय आम आदमी की जेब पर पड़ने लगा है। देश की बड़ी प्राइवेट फ्यूल कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का एलान किया है। कंपनी ने पेट्रोल के दाम में ₹5.30 प्रति लीटर और डीजल में ₹3 प्रति लीटर तक का इजाफा कर दिया है।
क्यों बढ़ी कीमतें? ग्लोबल सप्लाई चेन पर संकट
इस मूल्य वृद्धि के पीछे वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां मुख्य कारण हैं। रूस समर्थित नायरा एनर्जी, जो भारत में करीब 6,967 पेट्रोल पंप संचालित करती है, ने बढ़ती लागत का बोझ ग्राहकों पर डालने का फैसला किया है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में तनाव: ईरान और अमेरिका-इजराइल टकराव के कारण इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से होने वाली कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने की आशंका बढ़ गई है।
- प्राइवेट कंपनियों पर दबाव: सरकारी तेल कंपनियों के उलट, प्राइवेट कंपनियों को सरकार से कोई सब्सिडी नहीं मिलती। लगातार बढ़ते घाटे के कारण नायरा को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा।
शहरों का हाल: हैदराबाद सबसे महंगा, कई जगह पेट्रोल ₹100 के पार
स्थानीय टैक्स और VAT के कारण अलग-अलग राज्यों में कीमतें अलग हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, हैदराबाद में पेट्रोल की कीमत ₹107.46 तक जा पहुँची है, जो देश के महानगरों में सर्वाधिक है।
देश के प्रमुख शहरों में आज के भाव (26 मार्च 2026)
|
शहर |
पेट्रोल (₹/लीटर) |
डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
|
हैदराबाद |
107.46 |
95.70 |
|
कोलकाता |
105.41 |
92.76 |
|
पटना |
105.20 |
92.10 |
|
मुंबई |
103.54 |
90.10 |
|
बेंगलुरु |
102.92 |
89.45 |
|
नई दिल्ली |
94.77 |
87.67 |
|
लखनऊ |
95.50 |
88.70 |
पैनिक बाइंग: पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भीड़
कीमतें बढ़ने और भविष्य में किल्लत की आशंका के चलते देश के कई हिस्सों में ‘पैनिक बाइंग’ (Panic Buying) की स्थिति देखी जा रही है। लोग डर के मारे गाड़ियों के टैंक फुल करवा रहे हैं, जिससे पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं।
सरकार की अपील: घबराएं नहीं, स्टॉक पर्याप्त है
बढ़ती भीड़ और डर के बीच भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराकर ईंधन का स्टॉक न करें। सप्लाई चेन पर दबाव जरूर है, लेकिन फिलहाल देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है।
तीसरी धारा न्यूज की सलाह: अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितता के इस दौर में पैनिक होने के बजाय धैर्य रखें और केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन लें। सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
