दिवाली पर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। डाक्टरों और पारा मेडिकल स्टाफ को अलर्ट जारी किया गया है। दरअसल रोशनी और खुशियों का पर्व दिवाली अपने साथ उत्साह के साथ-साथ सावधानी की भी मांग करता है। पटाखों और दीयों की चमक के बीच जरा सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए रांची प्रशासन ने शहर के प्रमुख अस्पतालों—रिम्स और सदर—को हाई अलर्ट पर रखा है। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की विशेष ड्यूटी लगाई गई है ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।राजधानी रांची में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त रूप से एहतियाती कदम उठाते हुए रिम्स (राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान) और सदर अस्पताल को हाई अलर्ट पर रखा है। पटाखों से जलने, आग लगने और अन्य दुर्घटनाओं से निपटने के लिए डॉक्टरों और नर्सों की विशेष ड्यूटी तय की गई है।
पिछले साल दिवाली के दौरान रिम्स में पटाखों से झुलसने और आग की घटनाओं में 65 से अधिक मरीज भर्ती हुए थे। उनमें से कई की हालत गंभीर थी। इसी अनुभव से सीख लेते हुए इस बार प्रशासन ने पहले से तैयारी पूरी कर ली है। रिम्स प्रबंधन की ओर से बताया गया है कि बर्न वार्ड (Burn Ward) को विशेष रूप से अलर्ट पर रखा गया है। सभी डॉक्टरों और नर्सों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और त्योहार के अगले दिन तक 24 घंटे ड्यूटी पर रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।
सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. डी.के. सिन्हा को विशेष निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। अस्पताल में पर्याप्त बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाइयां और बर्न केस के लिए आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था की गई है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में एंबुलेंस और चिकित्सीय परामर्श के लिए हेल्पलाइन नंबर भी सक्रिय रहेंगे।
सेवा संपर्क नंबर:
• एंबुलेंस सेवा: 108
• चिकित्सीय परामर्श: 104
• रिम्स कंट्रोल रूम: 9263614358
• सिविल सर्जन रांची: 7543026162
सदर अस्पताल को भी अलर्ट मोड में रखा गया है। सिविल सर्जन डॉ. विनोद कुमार ने सभी चिकित्सकों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ को विशेष निर्देश जारी किए हैं। अस्पताल में लगभग 12 डॉक्टरों की इमरजेंसी ड्यूटी 24 घंटे के लिए तय की गई है। साथ ही, बर्न केस और पटाखा हादसों से घायल मरीजों के तत्काल इलाज के लिए अलग टीम गठित की गई है।
अस्पताल प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि त्योहार के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें, बच्चों को पटाखों से दूर रखें और किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत नजदीकी अस्पताल या हेल्पलाइन से संपर्क करें।

