Site icon

करीम सिटी कॉलेज में डिजिटल क्रांति: ई-कंटेंट विकास पर एक-साप्ताहिक राष्ट्रीय कार्यशाला का भव्य आगाज

जमशेदपुर: शिक्षा के बदलते परिवेश में शिक्षकों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से करीम सिटी कॉलेज के वाणिज्य संकाय द्वारा “ऑनलाइन शिक्षण के लिए ई-कंटेंट विकसित करना” विषय पर एक-साप्ताहिक राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ गुरुवार को हुआ। यह आयोजन अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के कंप्यूटर विज्ञान विभाग के प्रतिष्ठित सहयोग से किया जा रहा है।

डिजिटल साक्षरता की दिशा में रणनीतिक पहल

​झारखंड उच्च शिक्षा परिषद (उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग) द्वारा प्रायोजित और पंजाब एंड सिंध बैंक द्वारा सह-प्रायोजित यह कार्यशाला राज्य में शैक्षणिक मानकों को वैश्विक स्तर पर ले जाने की एक बड़ी कोशिश है।

ई-कंटेंट अब विकल्प नहीं, जरूरत: डॉ. मोहम्मद रेयाज

​सत्र की शुरुआत करते हुए प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज ने अपने स्वागत भाषण में कहा, “वर्तमान वैश्विक शैक्षिक वातावरण में, ई-कंटेंट में विशेषज्ञता अब कोई अतिरिक्त कौशल नहीं बल्कि शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए एक मौलिक आवश्यकता है।”

भविष्य के लिए तैयार कार्यबल पर जोर

​मुख्य अतिथि, टाटा स्टील फाउंडेशन के वित्तीय अधिकारी श्री संजीव कुमार पोद्दार ने कॉलेज और एएमयू के इस गठजोड़ की सराहना की। उन्होंने कहा कि कक्षा में तकनीक का एकीकरण भविष्य की चुनौतियों के लिए कार्यबल तैयार करने के लिए अनिवार्य है। उन्होंने शिक्षकों से शिक्षा को अधिक समावेशी और सुलभ बनाने के लिए डिजिटल उपकरणों का भरपूर उपयोग करने का आग्रह किया।

विशेषज्ञों द्वारा रोडमैप तैयार

​मुख्य वक्ता डॉ. आसिफ इरशाद खान (AMU) ने ई-कंटेंट विकास की बारीकियों पर प्रकाश डाला और डिजिटल शिक्षण सामग्री बनाने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप पेश किया। वहीं, पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. एम. एम. नज़री ने कार्यशाला की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि अगले सात दिनों में शिक्षकों को लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) और अन्य आधुनिक एजुकेशनल टूल्स की तकनीकी दक्षता प्रदान की जाएगी।

60 प्रतिभागी लेंगे गहन प्रशिक्षण

​इस राष्ट्रीय कार्यशाला में विभिन्न क्षेत्रों के 60 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। एक सप्ताह तक चलने वाले इस प्रशिक्षण का मुख्य फोकस पारंपरिक ब्लैकबोर्ड शिक्षण से गतिशील ऑनलाइन वातावरण में सफलतापूर्वक स्थानांतरण करना है।

सफलता में इनका रहा योगदान

​कार्यक्रम का संचालन डॉ. जी. विजयलक्ष्मी ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. आफताब आलम ने दिया। आयोजन समिति के सदस्य डॉ. अनवर शहाब, डॉ. बी.एन. त्रिपाठी, डॉ. आले अली, डॉ. एजाज अहमद सहित अन्य सदस्यों की इस कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रमुख भूमिका रही।

मुख्य जानकारी:

Exit mobile version