Site icon

मोस्ट वॉन्टेड दाऊद इब्राहिम की संपत्ति की नीलामी में नहीं लगी बोली, सरकार की कोशिश नाकाम

मुंबई: अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के देश छोड़ने के कई दशक बाद भी उसका आतंक और डर आज भी कायम है। इसका ताजा उदाहरण रत्नागिरी जिले के खेड़ तालुका के मुंबके गांव में स्थित उसकी जब्त की गई संपत्ति की नीलामी में देखने को मिला, जहां किसी ने भी बोली लगाने की हिम्मत नहीं की।

सरकार ने इन जमीनों की कीमत में 30 प्रतिशत तक की कटौती कर इन्हें नीलामी के लिए रखा था। बावजूद इसके, 4 नवंबर को हुई नीलामी में एक भी खरीदार सामने नहीं आया। इन चार कृषि भूखंडों के लिए कुल आरक्षित मूल्य 20 लाख रुपये तय किया गया था।

ये सभी संपत्तियां दाऊद की बहन हसीना पारकर के नाम पर पंजीकृत हैं और इन्हें SAFEMA (Smugglers and Foreign Exchange Manipulators Act) के तहत जब्त किया गया है। चारों प्लॉटों का कुल क्षेत्रफल लगभग 21,784 वर्ग मीटर है — जिसमें क्रमशः 171, 10,420, 8,953 और 2,240 वर्ग मीटर के भूखंड शामिल हैं।

नीलामी एजेंसियों के अनुसार, दाऊद के नाम से जुड़ी इन संपत्तियों में निवेश करने से लोग भय और विवादों के कारण दूर रहते हैं। सरकार अब इन संपत्तियों को दोबारा नीलामी के लिए लाने की संभावना पर विचार कर रही है।

📍रिपोर्ट: टीम तीसरी धारा, अंकित सिन्हा

Exit mobile version