Site icon

ईंधन संकट पर सरकार का बड़ा भरोसा: पीयूष गोयल बोले- ‘देश में तेल और गैस की कोई किल्लत नहीं’

तिरुचिरापल्ली/नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध और वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता के बीच केंद्र सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत दी है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के बावजूद भारत में ईंधन (Fuel) की कोई कमी नहीं है और सरकार आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को सुचारू बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है।

‘घबराने की जरूरत नहीं, स्थिति पर हमारी नजर’

​मीडिया को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि वैश्विक स्तर पर गंभीर संघर्ष चल रहा है, जिससे सप्लाई चेन में बाधाएं आ सकती हैं, लेकिन भारत सरकार हर बदलाव की बारीकी से समीक्षा कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश भर में ईंधन की उपलब्धता बिना किसी रुकावट के सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित विभाग और अधिकारी लगातार घरेलू सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने के लिए काम कर रहे हैं।

सरकार ने लागू किया ‘एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट’

​बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने इस हफ्ते की शुरुआत में आवश्यक वस्तु अधिनियम (EC Act) लागू कर दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल यूनिट्स को विशेष निर्देश जारी किए हैं:

100% सप्लाई का रोडमैप: किसे क्या मिलेगा?

​नए फ्रेमवर्क के तहत सरकार ने प्राथमिकताएं तय कर दी हैं ताकि आम जनता को परेशानी न हो:

  1. घरेलू उपभोक्ता: घरों में इस्तेमाल होने वाली पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) और वाहनों के लिए CNG की 100% सप्लाई का भरोसा दिया गया है।
  2. इंडस्ट्री सेक्टर: चाय प्रोसेसिंग और गैस ग्रिड से जुड़ी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को उनकी औसत खपत का 80% हिस्सा मिलता रहेगा।
  3. कमर्शियल और फर्टिलाइजर: औद्योगिक और वाणिज्यिक ग्राहकों के लिए 80% की सीमा तय की गई है, जबकि फर्टिलाइजर प्लांट्स को उनकी औसत खपत का 70% हिस्सा आवंटित किया गया है।
Exit mobile version