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देश को कमजोर करने वालों से सख्ती से निपटे सरकार: सरयू राय

समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता रहित ‘मूल संविधान’ की वकालत, तमिलनाडु में हिंदी प्रतिबंध को बताया गंभीर

जमशेदपुर: 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने बारीडीह और बिष्टुपुर में ध्वजारोहण के बाद देश की वर्तमान स्थिति और संवैधानिक ढांचे पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि राष्ट्र की एकता को चोट पहुँचाने वाले तत्वों और अलगाववादी प्रवृत्तियों से सख्ती से निपटा जाए।

मूल संविधान की ओर लौटने का आह्वान

​बिष्टुपुर स्थित अपने आवास पर तिरंगा फहराने के बाद श्री राय ने संविधान के प्रस्तावना (Preamble) में किए गए बदलावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:

तमिलनाडु में हिंदी का विरोध: ‘अलगाववाद’ का खतरा

​विधायक ने तमिलनाडु जैसे राज्यों में हिंदी के कथित प्रतिबंध को एक गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा:

भीतर का संकट सीमा से बड़ा

​बारीडीह में संबोधन के दौरान सरयू राय ने आंतरिक सुरक्षा पर चिंता जताते हुए कहा कि आज सीमा से ज्यादा संकट देश के भीतर है।

विकास और सामर्थ्य की चुनौती

​श्री राय ने स्वीकार किया कि भारत ने आर्थिक और सैन्य क्षेत्र में जबरदस्त तरक्की की है, लेकिन उन्होंने इस बात पर दुख जताया कि जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा आज भी सामर्थ्यवान नहीं बन सका है। उन्हें मुख्यधारा में लाना और ‘अनेकता में एकता’ के संवैधानिक मंत्र को प्रभावी ढंग से लागू करना ही भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती है।

प्रमुख बिंदु (Highlights):

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