जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर में पिछले दो-तीन दिनों से ईंधन की भारी किल्लत देखी जा रही है। शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल के लिए वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई प्रमुख पंपों पर ‘नो फ्यूल’ (No Fuel) के बोर्ड लटका दिए गए हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पंपों पर अफरा-तफरी का माहौल
शहर के साकची, बिष्टुपुर, मानगो और टेल्को जैसे व्यस्त इलाकों में स्थित पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। घंटों इंतजार करने के बाद भी कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। जिन पंपों पर तेल उपलब्ध है, वहां वाहनों की कतारें मुख्य सड़कों तक पहुंच गई हैं, जिससे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
जनता में भारी रोष
ईंधन की इस अचानक कमी ने नौकरीपेशा लोगों, स्कूली बच्चों के अभिभावकों और ट्रांसपोर्टरों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि एक तरफ सरकार ईंधन बचाने की अपील कर रही है, और दूसरी तरफ बाजार में उपलब्धता की कमी ने दैनिक जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। ऑटो और कमर्शियल वाहन चालकों को भी अपना काम बंद करना पड़ रहा है।
संकट की मुख्य वजह?
हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी बड़ी तकनीकी खराबी की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन जानकारों का मानना है कि वैश्विक ईंधन संकट की आहट और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में आई बाधा इसकी मुख्य वजह हो सकती है। वहीं, कुछ लोग इसे भविष्य में कीमतों में होने वाले बदलाव की आशंका से भी जोड़कर देख रहे हैं।
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
शहर की जनता ने जिला प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को पेट्रोल पंपों पर तेल की उपलब्धता सुनिश्चित करानी चाहिए और कालाबाजारी रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए। फिलहाल, लोग इस उम्मीद में एक पंप से दूसरे पंप के चक्कर काट रहे हैं कि कहीं उन्हें अपनी गाड़ी के लिए कुछ लीटर पेट्रोल मिल जाए।
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