
जमशेदपुर : जमशेदपुर ज़िलें मे हो रही लगातार बारिश से आम जनजीवन पर असर पड़ा है. इस बीच जमशेदपुर के डीसी मंजूनाथ भजन्त्री ने अपने अधीनस्थ अधिकारियो को सतर्क कर दिया है. डीसी के निर्देश के बाद पूरा अमला रेस हो गया है. लोगो को निचले इलाके से हटाकर ऊपरी इलाके शिफ्ट होने की हिदायत दी जा रही हैं. वही कई इलाका को खाली भी कराया जा रहा है. दूसरी ओर, बरसात के मौसम को देखते हुए जिलेवासियों को बिजली के कारण जानमाल का नुकसान नहीं हो इसके लिए उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा अपील जारी की गई है. उन्होने कहा कि बरसात के दिनों में तेज हवा के कारण किसी खेत में पोल गिरे हों या पेड़ की टहनी बिजली के तार को छू रहे हों तो तत्काल पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत जमशेदपुर, मानगो, घाटशिला विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को सूचना दें. बारिश के दौरान बिजली लाइन, ट्रासंफॉर्मर व पोल आदि से दूर रहें. उक्त के संपर्क में आने से करंट इंसान के शरीर में प्रवाहित हो सकता है, क्योंकि बारिश में अर्थिंग मिलता है. बिजली लाइन या ट्रांसफॉर्मर से छेड़छाड़ नहीं करें. विद्युत लाइन के नीचे न बैठें न खड़े रहें. कहीं पर भी चिंगारी उठ रही हो या कोई तार टूट जाए या किसी पोल या अर्थिंग सेट में करंट आ रहा हो तो तुरंत संबंधित अभियंता या विद्युत उपकेन्द्र पर सूचना दें.
कार्यपालक अभियंता का फोन नंबर :
कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल, जमशेदपुर- 9431135915
कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल, मानगो- 9431135905
कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल, घाटशिला- 9431135917
वज्रपात से बचाव के लिए क्या करें –
जब आप घर के भीतर हों
बिजली से संचालित उपकरणों से दूर रहें, तार वाले टेलीफोन का उपयोग न करें.
ऐसी वस्तुएं जो बिजली के सुचालक हैं, उनसे दूर रहे, धातु से बने पाइप, नल, फव्वारा, वॉशबेसिन आदि से दूर रहें.
कपड़े सुखाने के लिए तार का प्रयोग न कर जूट या सुत की रस्सी का प्रयोग करें.
जब आप खेल, खलिहान में काम कर रहे हैं
गीले खेतों में हल चलाते, रोपनी या अन्य कार्य कर रहे किसान तथा मजदूर या तालाब में कोई कार्य कर रहे व्यक्ति तुरंत सूखे या सुरक्षित स्थान पर जायें.
धातु से बने कृषि यंत्र या डंडा से अपने आप को दूर कर लें.
जब आप जंगल में हों
छोटे या घने पेड़ों की शरण में चले जायें.
जब आप घर के बाहर हों
ऊंचे वृक्ष बिजली को आकर्षित करते हैं, कृप्या उनके नीचे न खड़े रहें. समूह में न रहें बल्कि अलग-अलग हो जायें.
किसी पक्के मकान में आश्रय लेना बेहतर है. सफर के दौरान अपने वाहन में ही बने रहें. खुली छत वाले वाहन की सवारी न करें.
बाहर रहने पर धातु से बनी वस्तुओं का उपयोग न करें. बाईक, बिजली या टेलीफोन का खंभा, तार की बाड़, मशीन आदि से दूर रहें.
तालाब और जलाशयों से दूर रहें. यदि आप पानी के भीतर हैं अथवा किसी नाव में हैं तो तुरंत बाहर आ जाएं.
अगर किसी सुरक्षित स्थान पर शरण ले पाने में असमर्थ हों
जहां हैं वहीं रहें हो सके तो पैरों के नीचे सूखी चीजें जैसे लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्ते रख लें.
जमीन पर बिल्कुल नहीं लेटें.
दोनों पैरों को आपस में सटा लें एवं दोनों हाथों को घुटनों पर रखकर अपने सिर को जमीन की तरफ यथोसंभव झुका लें तथा सिर को जमीन से न छूने दें.
वज्रपात का झटका लगने पर ये करें
वज्रपात के झटका लगने पर जरूरत के अनुसार व्यक्ति को सीपीआर यानी कृत्रिम श्वास देनी चाहिए. तत्काल प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने की व्यवस्था करें. वज्रपात से प्रभावित व्यक्ति की सूचना अपने अंचलाधिकारी या जिले के जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी अथवा उपायुक्त को तत्काल दें.
