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जुगसलाई: मां विंध्यवासिनी मंदिर में महानवमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब; 101 मीठे पान के भोग के साथ हुई पूर्णाहुति

जमशेदपुर (जुगसलाई):

चैत्र नवरात्र की महानवमी के पावन अवसर पर जुगसलाई के एमई स्कूल रोड स्थित श्री श्री विंध्यवासिनी मंदिर में भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। शुक्रवार को सुबह से ही मंदिर परिसर ‘जय माता दी’ के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने मां विंध्यवासिनी और मां दुर्गा के मनोहारी स्वरूप के दर्शन कर सुख-समृद्धि की मंगलकामना की।

101 मीठे पान का विशेष भोग और अटूट परंपरा

​विंध्यवासिनी मंदिर की सबसे अनूठी परंपरा मां को अर्पित किया जाने वाला मीठा पान है।

1999 से आस्था का केंद्र: जयपुर की मनोहारी प्रतिमा

​इस भव्य मंदिर की स्थापना 29 जनवरी 1999 को प्रसिद्ध समाजसेवी स्व. दीनानाथ अग्रवाल ने की थी।

मंदिर से जुड़ी चमत्कारिक कथा

​बुजुर्गों और मंदिर प्रबंधन के अनुसार, इसके निर्माण के दौरान एक अलौकिक घटना घटी थी। पुरुलिया के कारीगरों ने गलती से मंदिर परिसर में मांसाहार कर लिया था, जिसके बाद उन्हें रात में पायल की आवाज सुनाई दी और अदृश्य शक्तियों द्वारा चेतावनी दी गई। इस घटना के बाद से ही मंदिर की पवित्रता और शक्ति के प्रति लोगों का विश्वास और भी गहरा हो गया।

तीसरी धारा न्यूज की विशेष रिपोर्ट

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