Site icon

जमशेदपुर में किसानों को मिले अंतरराष्ट्रीय बाजार के पंख: कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए आयोजित हुआ विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के किसानों और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने उत्पादों को बेचने की राह आसान होगी। जिला जनसंपर्क कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, जमशेदपुर समाहरणालय सभागार में किसान उत्पादक संगठनों, किसान उत्पादक कंपनियों और प्रगतिशील किसानों के लिए एक विशेष ‘निर्यातोन्मुखी क्षमता विकास कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया।IMG 20260610 WA0010

​इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय किसानों को कृषि और बागवानी उत्पादों के निर्यात (Export) से जुड़े अवसरों, सरकारी प्रक्रियाओं और अंतरराष्ट्रीय बाजार की बारीकियों से रूबरू कराना था, ताकि उनकी आय में व्यापक बढ़ोतरी की जा सके।

​अंतरराष्ट्रीय मानकों और पैकेजिंग पर रहा जोर

​कार्यक्रम में भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन कार्यरत संस्था एपीडा (APEDA – कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) के ईस्टर्न रीजन हेड श्री सीताकांत मंडल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक बाजार में जगह बनाने के लिए उत्पादों की गुणवत्ता, आधुनिक पैकेजिंग और मूल्य संवर्धन (Value Addition) सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने किसानों को संगठित होकर ‘निर्यातोन्मुख खेती’ अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

​इन मुख्य बिंदुओं पर हुआ मंथन:

उपायुक्त का संदेश: जिले के कृषि और बागवानी उत्पादों में अपार संभावनाएं हैं। यदि हमारे किसान संगठित होकर और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पादन शुरू करें, तो पूर्वी सिंहभूम जिला निर्यात के क्षेत्र में देश पटल पर एक नई पहचान बना सकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को इस दिशा में मिलकर काम करने के निर्देश दिए हैं।

​इस क्षमता विकास कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त (DDC), नाबार्ड (NABARD) के अधिकारी, जिला कृषि विभाग के पदाधिकारी, JSLPS के डीपीएम सहित विभिन्न प्रखंडों के बीपीओ, प्रगतिशील किसान और एफपीओ से जुड़ी ग्रामीण दीदियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

Exit mobile version