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ऊर्जा कूटनीति: अमेरिका ने भारत को दी बड़ी राहत, 30 दिनों तक खरीद सकेगा समुद्र में फंसा रूसी तेल

नई दिल्ली/वाशिंगटन: मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भीषण युद्ध और वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। अमेरिका ने भारतीय रिफाइनरी कंपनियों को एक विशेष 30-दिवसीय ‘वेवर’ (छूट) प्रदान की है। इसके तहत भारतीय कंपनियां वर्तमान में समुद्र में फंसे रूसी कच्चे तेल की खेप खरीद सकेंगी।

क्यों दी गई यह छूट? स्कॉट बेसेंट का बयान

​अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया कि यह एक ‘स्टॉपगैप’ (कामचलाऊ) उपाय है। उन्होंने कहा:

मिडिल ईस्ट वॉर: भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर संकट

​मध्य पूर्व में युद्ध सातवें दिन में प्रवेश कर चुका है, जिससे भारत की तेल आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है:

भारतीय रिफाइनरियों में हलचल

​रॉयटर्स के अनुसार, भारत की प्रमुख सरकारी कंपनियां—IOC, BPCL, HPCL और MRPL—रूसी तेल की तत्काल डिलीवरी के लिए ट्रेडर्स से बातचीत कर रही हैं।

बड़ी कूटनीतिक घटनाएँ: कुवैत में अमेरिकी दूतावास बंद

​युद्ध की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका ने कुवैत में अपना दूतावास अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता और सुरक्षा कारणों से यह बड़ा कदम उठाया गया है।

घटनाक्रममुख्य अपडेट
इजरायल की कार्रवाईबेरूत में हिजबुल्लाह कमांडर ज़ैद अली जुमा ढेर।
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