नई दिल्ली/वाशिंगटन: मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भीषण युद्ध और वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। अमेरिका ने भारतीय रिफाइनरी कंपनियों को एक विशेष 30-दिवसीय ‘वेवर’ (छूट) प्रदान की है। इसके तहत भारतीय कंपनियां वर्तमान में समुद्र में फंसे रूसी कच्चे तेल की खेप खरीद सकेंगी।
क्यों दी गई यह छूट? स्कॉट बेसेंट का बयान
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया कि यह एक ‘स्टॉपगैप’ (कामचलाऊ) उपाय है। उन्होंने कहा:
- तेल का प्रवाह: वैश्विक बाजार में तेल की सप्लाई को सुचारू बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
- रूस को लाभ नहीं: यह छूट केवल उन लेनदेन के लिए है जिनमें तेल पहले से समुद्र में फंसा हुआ है, जिससे रूस को कोई नया बड़ा वित्तीय लाभ नहीं होगा।
- ईरान पर दबाव: यह कदम ईरान द्वारा वैश्विक ऊर्जा बाजार को ‘बंधक’ बनाने की कोशिशों के खिलाफ एक सोची-समझी रणनीति है।
मिडिल ईस्ट वॉर: भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर संकट
मध्य पूर्व में युद्ध सातवें दिन में प्रवेश कर चुका है, जिससे भारत की तेल आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है:
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य का संकट: भारत अपनी जरूरत का 40% तेल इसी रास्ते से मंगाता है, जो वर्तमान में युद्ध क्षेत्र बना हुआ है।
- सीमित स्टॉक: भारत के पास वर्तमान में केवल 25 दिनों की जरूरत का कच्चा तेल स्टॉक में है।
- तनाव का विस्तार: श्रीलंका तट के पास अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी युद्धपोत डुबोए जाने के बाद तनाव अब एशिया तक फैल गया है।
भारतीय रिफाइनरियों में हलचल
रॉयटर्स के अनुसार, भारत की प्रमुख सरकारी कंपनियां—IOC, BPCL, HPCL और MRPL—रूसी तेल की तत्काल डिलीवरी के लिए ट्रेडर्स से बातचीत कर रही हैं।
- अब तक लगभग 20 मिलियन बैरल रूसी तेल खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
- HPCL और MRPL जैसी कंपनियों को नवंबर के बाद अब रूसी तेल की खेप मिलने की उम्मीद है।
बड़ी कूटनीतिक घटनाएँ: कुवैत में अमेरिकी दूतावास बंद
युद्ध की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका ने कुवैत में अपना दूतावास अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता और सुरक्षा कारणों से यह बड़ा कदम उठाया गया है।
| घटनाक्रम | मुख्य अपडेट |
|---|---|
| इजरायल की कार्रवाई | बेरूत में हिजबुल्लाह कमांडर ज़ैद अली जुमा ढेर। |
| ईरान का पलटवार | खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमला। |
| बड़ी क्षति | संघर्ष के दौरान 86 वर्षीय अली खामेनेई की मृत्यु की खबर। |
