जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के खाद्य आपूर्ति विभाग ने खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में सुधार लाने के लिए ‘सफाई अभियान’ शुरू कर दिया है। विभाग ने जिले के ऐसे 20,000 कार्डधारियों को चिह्नित किया है, जिन्होंने पिछले 6 महीने से एक साल तक अपने हिस्से का मुफ्त राशन नहीं लिया है। अब सत्यापन (Verification) के बाद इन कार्डों को रद्द कर दिया जाएगा।
शहरी क्षेत्रों में सबसे ज्यादा ‘लापरवाह’ कार्डधारी
विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, राशन का उठाव न करने वाले अधिकांश कार्डधारी जमशेदपुर शहर (Jamshedpur Urban) के हैं।
- शहरी स्थिति: जनवरी 2026 में शहरी क्षेत्रों (JNAC, मानगो, जुगसलाई) में लगभग 15% कार्डधारियों ने राशन नहीं लिया।
- ग्रामीण स्थिति: ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा करीब 8% रहा।
- कुल आंकड़ा: जनवरी में जिले के कुल 4.20 लाख कार्डधारियों में से केवल 90.89% ने ही अनाज प्राप्त किया। लगभग 41,000 परिवार राशन लेने नहीं पहुंचे।
क्यों काटे जा रहे हैं नाम?
जिला आपूर्ति पदाधिकारी जुल्फिकार अंसारी ने स्पष्ट किया कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग सूची में दर्ज हैं जो राशन लेने नहीं आते। इससे वितरण प्रणाली के आंकड़े प्रभावित होते हैं और जरूरतमंदों तक समय पर लाभ पहुँचाने में बाधा आती है। इन 20,000 नामों के हटने से सूची अपडेट होगी और वास्तविक लाभार्थियों को बेहतर सेवा मिल सकेगी।
रैंकिंग में सुधार: 24वें से 22वें स्थान पर पहुँचा जिला
प्रशासनिक कड़ाई और वितरण में तेजी का असर अब दिखने लगा है।
- दिसंबर 2025 तक पूर्वी सिंहभूम जिला राशन वितरण के मामले में झारखंड में सबसे निचले पायदान यानी 24वें स्थान पर था।
- जनवरी 2026 के सुधारों के बाद जिला दो पायदान ऊपर चढ़कर 22वें स्थान पर पहुंच गया है।
आगे क्या होगा?
- सत्यापन: पीडीएस (PDS) डीलरों से मंगवाई गई रिपोर्ट के आधार पर डोर-टू-डोर या डिजिटल सत्यापन होगा।
- नाम विलोपन: जो कार्डधारी वास्तव में अपात्र पाए जाएंगे या निष्क्रिय रहेंगे, उनका नाम डेटाबेस से हटा दिया जाएगा।
- वेटिंग लिस्ट: पुराने नाम हटने से नए पात्र आवेदकों के लिए जगह बनेगी।
