नई दिल्ली / जमशेदपुर
आम आदमी की रसोई पर महंगाई की मार थमने का नाम नहीं ले रही है। पहले दूध की कीमतों में बढ़ोतरी ने जनता का बजट बिगाड़ा और अब सुबह के नाश्ते का सबसे जरूरी हिस्सा यानी ‘ब्रेड’ भी महंगी हो गई है। देश के प्रमुख ब्रेड ब्रांड्स ने अपने दामों में ₹5 प्रति पैकेट तक की भारी बढ़ोतरी कर दी है।
हाल के दिनों में ब्रेड की कीमतों में यह अब तक का सबसे बड़ा उछाल माना जा रहा है। दूध के बाद ब्रेड का इस तरह महंगा होना आम उपभोक्ताओं, खासकर कामकाजी और मध्यमवर्गीय परिवारों की जेब पर सीधा डाका है।
मॉडर्न ब्रेड ने बढ़ाए दाम, ब्रिटानिया और विब्स भी तैयारी में
ब्रेड बाजार के सबसे बड़े खिलाड़ियों में से एक ‘मॉडर्न ब्रेड’ (Modern Bread) ने अपने बेसिक और प्रीमियम दोनों तरह के वेरिएंट्स पर ₹5 प्रति पैकेट की रिकॉर्ड बढ़ोतरी कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मॉडर्न ब्रांड की पैरेंट कंपनी ‘ग्रुपो बिम्बो’ के इस कदम के बाद अब ‘ब्रिटानिया’ (Britannia) और ‘विब्स’ (Wibs) जैसे अन्य बड़े ब्रांड्स भी बहुत जल्द अपनी कीमतें बढ़ाने वाले हैं। यानी आने वाले दिनों में ब्रेड का पूरा बाजार ही महंगा होने जा रहा है।
अब कितने का मिलेगा ब्रेड का पैकेट? (New Rate Card)
मार्केट और बेकरी स्टोर्स से मिली जानकारी के मुताबिक, ब्रेड का नया रेट कार्ड कुछ इस प्रकार है:
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ब्रेड का प्रकार |
पुराना दाम |
नया दाम |
कुल बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
|
सैंडविच लोफ (400 ग्राम) |
₹40 |
₹45 |
₹5 |
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होल व्हीट ब्रेड (Whole Wheat) |
₹55 |
₹60 |
₹5 |
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मल्टीग्रेन ब्रेड (Multigrain) |
₹60 |
₹65 |
₹5 |
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ब्राउन ब्रेड (Brown Bread) |
₹45 |
₹50 |
₹5 |
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छोटा व्हाइट लोफ |
₹20 |
₹22 |
₹2 |
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छोटा ब्राउन लोफ |
₹28 |
₹30 |
₹2 |
क्यों महंगा हुआ ब्रेड? ये हैं 3 मुख्य कारण
आमतौर पर ब्रेड के दाम ₹2 या ₹3 ही बढ़ते थे, लेकिन इस बार सीधे ₹5 की बढ़ोतरी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण हैं:
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- प्लास्टिक पैकेजिंग का महंगा होना: बेकरी मालिकों का कहना है कि ब्रेड को पैक करने के लिए जिस प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल होता है, उसका कच्चा माल (प्लास्टिक पाउडर) विदेशों से इम्पोर्ट किया जाता है। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में आई गिरावट और मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में चल रहे तनाव के कारण प्लास्टिक के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं।
- ट्रांसपोर्टेशन और माल ढुलाई खर्च: डीजल की कीमतों और सप्लाई चेन में आई रुकावटों के कारण ब्रेड को बेकरी से दुकानों तक पहुंचाने का ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट काफी बढ़ गया है।
- कच्चे माल और प्रिजर्वेटिव्स की महंगाई: ब्रेड बनाने में इस्तेमाल होने वाले प्रिजर्वेटिव्स, यीस्ट और यहाँ तक कि नमक और गैस की कीमतें भी पहले से काफी महंगी हो गई हैं, जिससे मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बढ़ गई है।
बिस्कुट पर भी मंडराया संकट!
यह झटका इसलिए ज्यादा बड़ा है क्योंकि महज कुछ दिन पहले ही देश की प्रमुख डेयरी कंपनियों ने दूध की कीमतों में ₹2 प्रति लीटर का इजाफा किया था। मार्केट एक्सपर्ट्स की मानें तो इनपुट कॉस्ट बढ़ने के कारण बहुत जल्द बाजार में बिस्कुट के दाम भी बढ़ सकते हैं।
जनता में भारी नाराजगी
सोशल मीडिया से लेकर आम बाजारों तक उपभोक्ता इस बढ़ोतरी से परेशान हैं। मध्यमवर्गीय परिवारों का कहना है कि दूध, तेल, मसाले, सब्जियां और अब बेकरी आइटम्स के लगातार महंगे होने से महीने का पूरा गणित बिगड़ गया है। अगर महंगाई की यही रफ्तार रही, तो आम आदमी की थाली से पौष्टिक चीजें दूर हो जाएंगी।
– तीसरी धारा न्यूज डेस्क
