रांची: राजधानी के धुर्वा इलाके से गायब हुए दो बच्चों, अंश और अंशिका की तलाश में अब देश की सबसे बड़ी जांच और सामाजिक एजेंसियां एक साथ आ गई हैं। 12 दिनों की लंबी तलाश के बावजूद हाथ खाली रहने पर रांची पुलिस ने अपनी रणनीति बदलते हुए इनाम की राशि को बढ़ा दिया है और अब राष्ट्रीय स्तर के संगठनों की मदद ली जा रही है।
जांच का बढ़ता दायरा: 40 सदस्यों की SIT और CID अलर्ट
रांची एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर गठित 40 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) न केवल झारखंड, बल्कि पड़ोसी राज्यों बिहार और पश्चिम बंगाल के संदिग्ध ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
- बचपन बचाओ आंदोलन: पुलिस अब कैलाश सत्यार्थी के संगठन ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ की मदद ले रही है। इस संगठन के सदस्य देश के 439 जिलों में सक्रिय हैं, जो संदिग्ध मानव तस्करी के पहलुओं की जांच करेंगे।
- झालसा (JHALSA) की एंट्री: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के लीगल वॉलंटियर्स को भी पूरे देश में अलर्ट कर दिया गया है।
इनाम की राशि में भारी इजाफा: अब 4 लाख की घोषणा
रांची पुलिस ने आम जनता से सहयोग लेने के लिए इनाम की राशि को कई गुना बढ़ा दिया है।
- नया इनाम: पहले यह राशि मात्र 51 हजार रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 4 लाख रुपये (2 लाख अंश के लिए और 2 लाख अंशिका के लिए) कर दिया गया है।
- गोपनीयता का वादा: एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
सियासी हलचल: पीड़ित परिवार से मिले सुदेश महतो
मंगलवार को आजसू (AJSU) सुप्रीमो सुदेश महतो और अजय नाथ शाहदेव पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और प्रशासन से अपील की कि वे अपनी तकनीक और मुखबिर तंत्र को और तेज करें। सुदेश महतो ने कहा, “यह केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की चिंता है। हम हर संभव मदद के लिए तैयार हैं।”
प्रमुख एजेंसियां जो तलाश में जुटी हैं:
एजेंसी/संगठन भूमिकारांची पुलिस SIT छापेमारी और तकनीकी साक्ष्यों की जांचCID झारखंड अंतरराज्यीय समन्वय और आपराधिक रिकॉर्ड की जांचबचपन बचाओ आंदोलन देशभर के 439 जिलों में नेटवर्क सक्रिय करनाझालसा (JHALSA) कानूनी स्वयंसेवकों के माध्यम से पहचान और जागरूकता
