जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने शुक्रवार को समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में ‘जन शिकायत निवारण दिवस’ का आयोजन किया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे नागरिकों से उपायुक्त ने सीधा संवाद किया।
त्वरित कार्रवाई: कई आवेदनों का मौके पर निष्पादन
जनता की शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने कई मामलों का ‘ऑन द स्पॉट’ समाधान कर दिया। जिन मामलों में तुरंत निर्णय संभव नहीं था, उनके समयबद्ध निष्पादन के लिए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए।
इन प्रमुख समस्याओं को लेकर पहुंचे नागरिक
शिकायत निवारण दिवस में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने विविध समस्याओं को उपायुक्त के समक्ष रखा, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित शामिल रहे:
- आवास व भूमि: बिरसानगर में पीएम आवास का आवंटन, भूमि लीज, जमीन कब्जा, भूमि रिकॉर्ड में सुधार और फ्लैट पर अवैध कब्जे की शिकायतें।
- स्वास्थ्य व सामाजिक सुरक्षा: आयुष्मान कार्ड, चिकित्सा सहायता, पेंशन शुरू करने की मांग और मईयां सम्मान योजना का लाभ।
- बुनियादी सुविधाएं: दूषित पेयजल की आपूर्ति, जुस्को से पानी कनेक्शन, विद्युत कनेक्शन और सड़क निर्माण के मुद्दे।
- शिक्षा व रोजगार: अनाथ बालिका का आवासीय विद्यालय में नामांकन, निजी स्कूलों में एडमिशन और जॉब से संबंधित आवेदन।
- अन्य: पंचायत भवन निर्माण, ऋण, मुआवजा भुगतान और स्पॉन्सरशिप योजना के लाभ हेतु ज्ञापन।
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को चेतावनी
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि जन शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा:
“हर आवेदन का निष्पादन प्राथमिकता के आधार पर हो ताकि जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। सभी विभागों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि प्रगति की समीक्षा हो सके।”
उपायुक्त के इस कड़े रुख से आम नागरिकों में अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर एक नई उम्मीद जगी है।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क
