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बागबेड़ा जलापूर्ति संकट पर डीसी सख्त, 24 घंटे में पानी बहाल करने के निर्देश

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तीसरी धारा न्यूज़, जमशेदपुर, 19 अगस्त 2026

​डीसी से मिले प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा 10 सूत्री मांग पत्र

​बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी में पिछले दो दिनों से जारी गंभीर जलापूर्ति संकट को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों का एक प्रतिनिधिमंडल बिष्टुपुर पहुंचा। पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपायुक्त (डीसी) राजीव रंजन से मुलाकात की और उन्हें 10 सूत्री मांग पत्र सौंपा। इस ज्ञापन में बिष्टुपुर स्थित नए फिल्टर पंप हाउस तथा बागबेड़ा पंप हाउस में बार-बार आ रही तकनीकी गड़बड़ियों की उच्च स्तरीय जांच कराने और क्षेत्र में नियमित जलापूर्ति के लिए स्थायी समाधान की मांग की गई।

​लापरवाह अधिकारियों को डीसी की फटकार और 24 घंटे का अल्टीमेटम

​मामले की गंभीरता और आम जनता को हो रही परेशानियों को देखते हुए डीसी राजीव रंजन ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने पीएचईडी (जनस्वास्थ्य अभियांत्रिक विभाग) के कार्यपालक अभियंता को जमकर फटकार लगाई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि कार्यपालक अभियंता स्वयं पंप हाउस का दौरा करें, वहां मौजूद सभी तकनीकी खामियों का तत्काल निस्तारण कराएं और अगले 24 घंटे के भीतर बागबेड़ा कॉलोनी में जलापूर्ति पूर्ण रूप से बहाल करें। इसके साथ ही पूरी कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट तुरंत उनके समक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया।

​1.88 करोड़ की लागत के बावजूद पेयजल संकट पर उठे सवाल

​प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के समक्ष चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2025 में लगभग 1.88 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च करके नए फिल्टर पंप हाउस का निर्माण कराया गया था। इसके बावजूद कॉलोनीवासियों को नियमित, शुद्ध और पर्याप्त पेयजल के लिए तरसना पड़ रहा है। लगातार आ रही समस्याओं से यह प्रतीत होता है कि निर्माण और उपकरणों की गुणवत्ता में समझौते किए गए हैं, जिसकी विस्तृत जांच आवश्यक है।

​निर्माण गुणवत्ता और उपकरणों की जांच की उठी मांग

​सौंपे गए ज्ञापन में बिष्टुपुर व बागबेड़ा पंप हाउस के मोटर, फुटबॉल्व एवं अन्य उपकरणों के बार-बार खराब होने के कारणों की जांच की मांग की गई है। इसके अलावा फिल्टर पंप हाउस के संप (Sump) की क्षमता कम होने, पानी के शोधन के लिए आवश्यक एलम और ब्लीचिंग केमिकल की उपलब्धता व उनके सही उपयोग की जांच करने, उपकरणों की गुणवत्ता की पड़ताल करने और पूरे संचालन-रखरखाव की समीक्षा करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।

​दोषियों पर कार्रवाई और जर्जर पानी टंकी की मरम्मत की सिफारिश

​मांग पत्र के जरिए मांग की गई कि पूरी योजना की तकनीकी खामियों और संभावित वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा इसमें दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं संवेदकों (ठेकेदारों) पर सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही बागबेड़ा पंप हाउस की अति-जर्जर हो चुकी पानी टंकी की तत्काल तकनीकी जांच एवं मरम्मत कराने, संप व पानी टंकी की नियमित सफाई कराने, सप्लाई वाटर की अधिकृत लैब से जांच कराने और संचालन के लिए पर्याप्त ऑपरेटरों की स्थायी नियुक्ति की मांग भी की गई।

​प्रतिनिधिमंडल में कई प्रमुख जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

​जिला उपायुक्त को मांग पत्र सौंपने वाले इस प्रतिनिधिमंडल में पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता के साथ पंचायत समिति सदस्य झरना मिश्रा, वार्ड सदस्य उमेश पांडे, वार्ड सदस्य प्रतिनिधि कुमार विशाल, समाजसेवी अजय सिंह बब्बू, बागबेड़ा मंडल कांग्रेस अध्यक्ष राजनारायण यादव, जिला कांग्रेस सचिव संजय झा, पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि श्रवण मिश्रा एवं समाजसेवी नकुल उपाध्याय सहित कई स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

तीसरी धारा न्यूज़

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