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झारखंड में ‘निपाह’ की दस्तक का खतरा: बंगाल में मरीज मिलने के बाद राज्य भर में हाई अलर्ट जारी

रांची | शनिवार, 17 जनवरी 2026

रांची: कोरोना की यादें अभी धुंधली भी नहीं हुई थीं कि एक और जानलेवा वायरस ‘निपाह’ ने झारखंड की दहलीज पर दस्तक दे दी है। पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो पुष्ट मामले सामने आने के बाद झारखंड सरकार ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट (High Alert) घोषित कर दिया है। पड़ोसी राज्य होने के नाते झारखंड और बंगाल के बीच भारी आवाजाही को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग बेहद सतर्क है।

स्वास्थ्य विभाग की सख्त कार्रवाई: जिलों को निर्देश

​राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान (NHM) के निदेशक ने राज्य के सभी जिलों के सिविल सर्जनों को तत्काल प्रभाव से कड़ी निगरानी रखने का आदेश दिया है।

निपाह वायरस: लक्षण और बचाव

​डॉक्टरों के अनुसार, निपाह एक ‘जुनोटिक’ वायरस है जो जानवरों (मुख्यतः चमगादड़) से इंसानों में फैलता है। इसके लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना अनिवार्य है:

लक्षणबचाव के उपाय
तेज बुखार और असहनीय सिरदर्दपेड़ों से गिरे या पक्षियों द्वारा कुतरे फल न खाएं।
सांस लेने में अत्यधिक तकलीफकच्चे खजूर का रस या ताड़ी का सेवन न करें।
मानसिक भ्रम या बेहोशी की स्थितिसंक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखें।
खांसी और बदन दर्दसाबुन से बार-बार हाथ धोएं।

सैंपल कलेक्शन के लिए विशेष प्रोटोकॉल

​स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि निपाह एक बेहद संक्रामक बीमारी है, इसलिए इसके सैंपल लेने का काम केवल प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी ही करेंगे। इलाज के दौरान पीपीई किट और अन्य सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है ताकि संक्रमण स्वास्थ्य कर्मियों तक न फैले।

अफवाहों से बचें, सतर्क रहें

​अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सतर्कता ही इस वायरस से बचने का सबसे बड़ा हथियार है। यदि आपके आसपास किसी में ऊपर दिए गए लक्षण दिखते हैं, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र को सूचित करें।

संवाददाता, स्वास्थ्य डेस्क

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