जमशेदपुर/जादूगोड़ा: देश की राजधानी नई दिल्ली में हुए एक बड़े साइबर फ्रॉड के तार लौहनगरी जमशेदपुर और इसके ग्रामीण इलाकों से जुड़े पाए गए हैं। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्वी सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा थाना अंतर्गत इचड़ा गांव से मुख्य आरोपी को दबोच लिया है।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
गिरफ्तार आरोपी की पहचान जादूगोड़ा निवासी राज भकत के रूप में हुई है। वहीं, इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने जमशेदपुर के सीतारामडेरा निवासी आकाश कुमार कालिंदी को भी हिरासत में लिया है। दिल्ली पुलिस की विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से इचड़ा गांव में छापेमारी कर राज को गिरफ्तार किया।
16 मार्च को दर्ज हुई थी शिकायत
मिली जानकारी के अनुसार, ठगी का यह मामला 16 मार्च को तब सामने आया जब पश्चिमी दिल्ली के साइबर थाने में एक पीड़ित ने 7 लाख रुपये की चपत लगने की शिकायत दर्ज कराई थी।
तकनीकी साक्ष्यों ने खोला राज
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने इस हाई-प्रोफाइल केस को सुलझाने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन किया:
- डिजिटल ट्रेल: पैसों के लेन-देन के डिजिटल रास्तों की जांच की गई।
- मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग: आरोपियों के मोबाइल टावर लोकेशन से उनकी मौजूदगी झारखंड में पाई गई।
- IP एड्रेस ट्रेसिंग: ठगी के दौरान इस्तेमाल किए गए इंटरनेट कनेक्शन के आधार पर आरोपियों तक पहुँचा गया।
- ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले गई पुलिस
गिरफ्तारी के बाद आरोपी राज भकत को घाटशिला अनुमंडल न्यायालय में पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने अदालत से ट्रांजिट रिमांड की मांग की, जिसे मंजूर कर लिया गया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस टीम आरोपी को पूछताछ के लिए दिल्ली ले गई है।
बड़े गिरोह के शामिल होने की आशंका
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह केवल एक छोटी ठगी का मामला नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि राज भकत और आकाश कालिंदी किसी बड़े अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। दिल्ली पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और जमशेदपुर में इनके और कौन-कौन से साथी सक्रिय हैं।
तीसरी धारा न्यूज की अपील: साइबर ठगों से सावधान रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना ओटीपी (OTP), बैंक विवरण या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहे ।
