गढ़वा: सीआरपीएफ के स्पेशल डीजी दीपक कुमार ने मंगलवार को गढ़वा जिले के सुदूरवर्ती बड़गड़ थाना क्षेत्र स्थित बूढ़ा पहाड़ कैंप का दौरा किया। एक समय में नक्सलियों का सबसे मजबूत और अभेद्य किला माना जाने वाला यह क्षेत्र अब सुरक्षा और विकास के नए दौर से गुजर रहा है। स्पेशल डीजी ने इस दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और चल रही विकास योजनाओं का जायजा लिया।
भयमुक्त वातावरण और विकास की नई इबारत
निरीक्षण के दौरान स्पेशल डीजी ने कहा कि झारखंड और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित यह दुर्गम क्षेत्र कभी नक्सलियों का गढ़ था, जहाँ लोग खौफ के साये में जीने को मजबूर थे। लेकिन आज जिला प्रशासन, गढ़वा पुलिस और सीआरपीएफ के साझा प्रयासों से यहाँ स्थिति बदली है। अब यहाँ भयमुक्त वातावरण है और विकास की किरणें घर-घर तक पहुंच रही हैं। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की वर्तमान स्थिति और ऑपरेशनल तैयारियों की भी समीक्षा की।
बूढ़ा पहाड़ डेवलपमेंट योजना की समीक्षा
दौरे के दौरान स्पेशल डीजी ने राज्य सरकार द्वारा संचालित “बूढ़ा पहाड़ डेवलपमेंट योजना” की प्रगति की जांच की। उन्होंने अधिकारियों के साथ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा की। डीजी ने सख्त निर्देश दिए कि चुनौती अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, इसलिए सक्रिय नक्सलियों की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाए।
जवानों की वीरता को सलाम
बूढ़ा पहाड़ का भ्रमण करने के बाद स्पेशल डीजी गढ़वा स्थित सीआरपीएफ 172 बटालियन के मुख्यालय पहुंचे। वहां आयोजित ‘सैनिक सम्मेलन’ में उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए उनकी वीरता और साहस की जमकर सराहना की।
इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान उनके साथ:
- सीआरपीएफ आईजी साकेत कुमार
- डीआईजी पंकज कुमार
- पलामू रेंज के डीआईजी किशोर कौशल
- गढ़वा एसपी आशुतोष शेखर
- 172 बटालियन के कमांडेंट अमरेंद्र कुमार सिंह
सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और सशस्त्र जवान मुख्य रूप से उपस्थित थे।
तीसरी धारा न्यूज
