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सरायकेला: अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय के बच्चों ने निकाली नशा मुक्ति जागरूकता रैली, समाज को दिया स्वस्थ जीवन का संदेश

तीसरी धारा न्यूज (सरायकेला):

​मादक पदार्थों के बढ़ते सेवन के खिलाफ समाज में जन जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से सरायकेला में एक सराहनीय पहल की गई है। यहाँ अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर एक भव्य जागरूकता रैली निकाली। रैली के माध्यम से बच्चों ने लोगों को तंबाकू, शराब और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाने की पुरजोर अपील की।

​’नशा मुक्ति’ के नारों से गूंजा इलाका

​यह जागरूकता रैली विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक राजेंद्र नाथ महतो के कुशल नेतृत्व में आयोजित की गई, जिसमें छात्र-छात्राओं ने बेहद उत्साह के साथ भाग लिया। रैली के दौरान बच्चों ने गगनभेदी नारे लगाकर समाज का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित किया। बच्चों का स्पष्ट संदेश था कि नशा न केवल किसी एक व्यक्ति को बर्बाद करता है, बल्कि पूरे परिवार और समाज के विनाश का कारण बनता है। इससे दूर रहकर ही एक समृद्ध और सुखी जीवन की कल्पना की जा सकती है।

​शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी लिया नशामुक्त समाज का संकल्प

​इस अभियान को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षकों ने भी बढ़-चढ़कर अपनी भूमिका निभाई। रैली के दौरान मुख्य रूप से उपस्थित रहने वाले शिक्षकों में शामिल थे:

​सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बच्चों के साथ मिलकर नशामुक्त समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया और आम जनता से नशीले पदार्थों के जाल से बाहर निकलने का आग्रह किया।

रैली का मुख्य उद्देश्य: विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, इस रैली का मुख्य उद्देश्य आज की युवा पीढ़ी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना था। बच्चों द्वारा किए गए इस प्रयास की स्थानीय ग्रामीणों ने काफी सराहना की है और उम्मीद जताई है कि ऐसी रैलियों से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा।

 

— तीसरी धारा न्यूज

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