📅 पूरी तिथि अनुसार कार्यक्रम:
25 अक्टूबर (शनिवार) – आज नहाय-खाय के साथ छठ पर्व की शुरुआत हो गई है। व्रती इस दिन गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान कर घर में शुद्ध भोजन बनाते हैं।
26 अक्टूबर (रविवार) – खरना
इस दिन व्रती पूरे दिन उपवास रखकर शाम को गुड़-चावल की खीर और रोटी का प्रसाद बनाकर ग्रहण करते हैं। इसके बाद 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू होता है।
27 अक्टूबर (सोमवार) – सांझ का अर्घ्य
व्रती डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। घाटों पर भव्य सजावट, गीत-संगीत और दीपों की रोशनी से माहौल भक्तिमय बन जाता है।
28 अक्टूबर (मंगलवार) – भोर का अर्घ्य और पारण
अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और इसके साथ ही छठ व्रत का समापन होता है। व्रती उसके बाद प्रसाद ग्रहण कर पारण करते हैं।
🙏 छठ महापर्व न सिर्फ धार्मिक आस्था से जुड़ा है बल्कि यह स्वच्छता, अनुशासन और सामूहिकता का संदेश भी देता है।
