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चाईबासा: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को आखिरी सांस तक उम्रकैद, कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला

चाईबासा/जगन्नाथपुर: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले की एक अदालत ने नाबालिग बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को कठोर सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोषी को “अंतिम सांस तक” आजीवन कारावास की सजा सुनाकर समाज में ऐसे जघन्य अपराधों के खिलाफ एक सख्त संदेश दिया है।chaibasa court

क्या था पूरा मामला?

​यह मामला जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के कंसलापोस रुगुड़साई गांव का है। घटना 8 सितंबर 2023 की है, जब आरोपी सुरेश सिंकु ने एक नाबालिग बच्ची को बहला-फुसलाकर सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया था। घटना के बाद आरोपी ने पीड़िता को डराया-धमकाया भी था कि यदि उसने किसी को बताया, तो वह उसके परिवार को जान से मार देगा।

साहस ने पहुंचाया सलाखों के पीछे

​धमकी के बावजूद पीड़िता ने साहस दिखाया और घर पहुंचकर अपने परिजनों को आपबीती सुनाई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर एक मजबूत चार्जशीट तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत की।

अदालत का फैसला: आजीवन कारावास और जुर्माना

​सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को आधार मानते हुए सुरेश सिंकु को दोषी पाया। अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए निम्नलिखित सजा मुकर्रर की:

कानूनी विशेषज्ञों की राय

​कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के त्वरित और कठोर फैसले से अपराधियों के मन में कानून का भय पैदा होगा। साथ ही, यह पीड़िता और उसके परिवार के लिए न्याय की जीत है, जिन्होंने न्याय पाने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी।

तीसरी धारा न्यूज के लिए पश्चिमी सिंहभूम से रिपोर्ट।

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