जमशेदपुर: यूजीसी (UGC) बिल के समर्थन में मंगलवार को भारतीय ओबीसी विचार मंच के बैनर तले साकची गोलचक्कर पर भारी उत्साह देखा गया। मंच के सदस्यों ने इस बिल को ‘ऐतिहासिक’ करार देते हुए एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया और आम जनता के बीच लड्डू बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया।
15 साल पुरानी अनुशंसाओं को मिली संजीवनी
मंच के महामंत्री सुजीत शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह बिल 15 साल पहले की उन अनुशंसाओं को लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसका इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था। उन्होंने इस साहसिक निर्णय के लिए सरकार और कोर्ट के प्रति आभार व्यक्त किया।
सड़कों पर उतरने की दी चेतावनी
जहाँ एक ओर जश्न का माहौल था, वहीं दूसरी ओर मंच के सक्रिय सदस्य राकेश साहू ने कड़े तेवर भी दिखाए। उन्होंने कहा:
”सरकार को इस बिल को पूर्ण रूप से लागू करना चाहिए। यदि इसे वापस लेने या स्थगित करने का कोई भी प्रयास हुआ, तो समाज के 90 प्रतिशत लोग (SC, ST और OBC) सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।”
प्रमुख बिंदुओं पर हुई चर्चा:
- ऐतिहासिक कदम: कार्यकारी अध्यक्ष विजय यादव ने बिल की बारीकियों और शिक्षा जगत में इसके दूरगामी प्रभावों के बारे में जानकारी साझा की।
- समाज की एकजुटता: मंच के अध्यक्ष राम बल्लभ साहु ने कहा कि यह फैसला केवल एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के उत्थान के लिए जरूरी है।
- नेतृत्व: कार्यक्रम का सफल संचालन प्रवक्ता राजकुमार यादव ने किया।
विभिन्न समाज का मिला समर्थन
इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मनोज गुप्ता, राजेन्द्र प्रसाद, कांता देवी, और विपिन वर्मा सहित कई अन्य नेताओं ने अपने-अपने समुदायों की ओर से इस बिल के प्रति अपना पुरजोर समर्थन व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और विजय के प्रतीक के रूप में लड्डू वितरण के साथ हुआ।
सोशल मीडिया हेडलाइंस (Capsule News):
- 📍 स्थान: साकची गोलचक्कर, जमशेदपुर।
- 📢 मुख्य मांग: यूजीसी बिल को बिना किसी देरी के पूर्णतः लागू किया जाए।
- 🤝 संदेश: समाज के वंचित वर्गों को सशक्त बनाने की दिशा में एकजुटता।
