टाटानगर रेलवे स्टेशन पर रविवार तड़के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की उड़नदस्ता टीम ने नशे के सौदागरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी के एक संगठित प्रयास को विफल कर दिया। इस दौरान आरपीएफ ने दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय बाजार में करीब 3 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है।
यह कार्रवाई चक्रधरपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त पी. शंकर कुट्टी के विशेष निर्देश पर चलाए जा रहे सघन जांच अभियान के तहत की गई। आरपीएफ की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि टाटानगर स्टेशन के रास्ते गांजा की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने स्टेशन परिसर में निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। इसी क्रम में दो युवकों को संदेह के आधार पर रोका गया और तलाशी लेने पर उनके पास से कुल 6.08 किलो अवैध गांजा बरामद किया गया।
प्रारंभिक पूछताछ में तस्करों ने तस्करी के नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने ओडिशा के तुसरा इलाके से गांजा खरीदा था और ट्रेन संख्या 18006 समलेश्वरी एक्सप्रेस से टाटानगर पहुंचे थे। यहां से वे पटना जाने वाली ट्रेन पकड़कर बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में गांजे की खेप पहुंचाने की योजना बना रहे थे, जहां इसे ऊंचे दामों पर बेचने का इरादा था।
गिरफ्तार किए गए तस्करों की पहचान शर्मा यादव और सत्यनारायण साहनी के रूप में हुई है। दोनों बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के रूपही टांड क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। आरपीएफ को आशंका है कि दोनों किसी बड़े तस्करी गिरोह से जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल टीम उनके आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है और इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड की तलाश में जुट गई है।
आरपीएफ ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को बरामद गांजे के साथ आगे की कार्रवाई के लिए रेल थाना टाटानगर को सौंप दिया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
