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झारखंड में राशन कार्ड पर बड़ी स्ट्राइक: 2.43 लाख फर्जी कार्ड रद; डुप्लीकेट आधार और बाहरी राज्यों में भी नाम होने पर गिरी गाज

रांची: झारखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त अभियान ने फर्जीवाड़ा करने वालों की कमर तोड़ दी है। आधार सीडिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान राज्य भर में 2,43,408 राशन कार्ड रद कर दिए गए हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि ये लाभुक फर्जी आधार कार्ड, डुप्लीकेट प्रविष्टियों या बिहार और बंगाल जैसे पड़ोसी राज्यों में भी राशन का लाभ ले रहे थे।n705696080177428767394748f74b5bdcbedac2da99dbfa92d892aa8e367cce22d8047373f29680dc959d44

फर्जीवाड़े का खुलासा: एक आधार, कई राशन कार्ड

​विभागीय जांच में सामने आया कि हजारों लोग एक ही आधार नंबर का उपयोग कर अलग-अलग क्षेत्रों में राशन उठा रहे थे।

सत्यापन की सच्चाई: सिर्फ 11 हजार निकले ‘सही’

​सरकार ने संदिग्ध पाए गए कुल 2,54,887 राशन कार्डों की बारीकी से जांच की थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से महज 11,479 कार्ड धारी ही पात्र और सही पाए गए, जिनका नाम सूची में बरकरार रखा गया है। बाकी सभी 2.43 लाख नाम फर्जी पाए जाने पर हटा दिए गए।

जिलावार रिपोर्ट: कहाँ गिरी सबसे ज्यादा गाज?

​आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी सिंहभूम और धनबाद जिलों में सबसे बड़े पैमाने पर फर्जी कार्ड पकड़े गए हैं।

जिला

रद किए गए कार्ड

सही पाए गए पात्र लाभुक

पूर्वी सिंहभूम

22,689

286

रांची

20,681

489

धनबाद

18,464

96

पश्चिम सिंहभूम

15,324

22

दुमका

12,992

331

गिरिडीह

12,341

1,341

पलामू

12,869

360

नाम कटने पर क्या करें?

सरकार ने पारदर्शिता बरतते हुए उन लोगों को एक मौका दिया है जिनके नाम इस सूची से कटे हैं।

विभागीय निर्देश: यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम गलती से कट गया है, तो वे अपने संबंधित प्रखंड आपूर्ति कार्यालय (BSO) या जिला आपूर्ति पदाधिकारी के पास साक्ष्यों के साथ शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

सरकारी राशन के दुरुपयोग पर लगाम

इस अभियान का उद्देश्य सरकारी अनाज की चोरी रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि लाभ केवल उन्हीं को मिले जो इसके वास्तविक हकदार हैं। राज्य सरकार का यह अभियान अब भी जारी है, जिससे आने वाले दिनों में और भी अपात्र नाम हटने की संभावना है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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