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टीसीएस नासिक बीपीओ में बड़ा खुलासा: यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण सिंडिकेट का भंडाफोड़, एचआर मैनेजर निदा खान मुख्य आरोपी

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नासिक: महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की बीपीओ यूनिट से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस की 40 दिनों की सघन और गुप्त जांच के बाद एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जहां कॉर्पोरेट की आड़ में महिला कर्मचारियों का शोषण और जबरन धर्मांतरण का खेल चल रहा था। इस मामले में अब तक 9 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और एचआर मैनेजर निदा खान समेत कई टीम लीडर्स को गिरफ्तार किया गया है।n708488625177625323308549321f76a1539e09b3d7234f28824c69e2f21257b51fd749b10f838491f3287c

मुख्य साजिशकर्ता के रूप में निदा खान का नाम

​इस पूरे प्रकरण में निदा खान की भूमिका सबसे चौंकाने वाली रही है। वह नासिक यूनिट में प्रबंधकीय एचआर पद पर तैनात थीं और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह आंतरिक शिकायत निवारण समिति (ICC) की सदस्य भी थीं।

​उनकी जिम्मेदारी कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और POSH (यौन उत्पीड़न निवारण) अधिनियम को लागू करना था। जांच के अनुसार, निदा खान ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए पीड़ितों की शिकायतों को दबाया और आरोपियों को संरक्षण दिया।

कैसे चलता था शोषण का जाल?

​पुलिस जांच और पीड़ितों के बयानों से मिली जानकारी के अनुसार, यह शोषण एक संगठित तरीके से किया जा रहा था:

शिकायतों को किया गया अनसुना

​रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़ितों ने लगभग 78 ईमेल और चैट के जरिए निदा खान तक अपनी आपबीती पहुंचाई थी। आरोप है कि निदा खान ने इन शिकायतों पर कोई कार्रवाई करने के बजाय पीड़ितों से कहा कि “कॉर्पोरेट जगत में यह सब आम है।” ### अब तक की कार्रवाई

पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए निदा खान सहित छह टीम लीडर्स को गिरफ्तार कर लिया है। निदा खान, जो सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा हैं, ने कथित तौर पर जनवरी 2026 में कंपनी छोड़ दी थी, लेकिन जांच की आंच उन तक पहुंच गई।

​यह मामला कॉर्पोरेट इंडिया में महिलाओं की सुरक्षा और आंतरिक शिकायत समितियों (ICC) की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस इस सिंडिकेट के अन्य संभावित कनेक्शनों की तलाश कर रही है।

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