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NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI की चार्जशीट से बड़ा खुलासा: NTA के ही एक्सपर्ट्स ने कराया था पेपर लीक, लाखों में हुई थी डील

तीसरी धारा न्यूज | 07 अगस्त 2026, जमशेदपुर

नई दिल्ली: NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की ओर से दाखिल की गई चार्जशीट के बाद राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) में हड़कंप मच गया है। CBI ने अपनी जांच में सनसनीखेज खुलासा करते हुए दावा किया है कि प्रश्नपत्र किसी प्रिंटिंग प्रेस से नहीं, बल्कि NTA के लिए काम कर रहे विशेषज्ञों (एक्सपर्ट्स) ने ही बाहर निकाला था। इस पूरे खेल के लिए लाखों रुपये की डील की गई थी।

​कैश में लेन-देन और डिजिटल साक्ष्य

​जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने भुगतान के डिजिटल रिकॉर्ड छिपाने के लिए ज्यादातर लेन-देन नकद (कैश) में किया था। CBI को जांच के दौरान डॉ. शिरुरे के परिवार से 5 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। इसके अलावा कुछ ऑनलाइन भुगतान के डिजिटल रिकॉर्ड भी मिले हैं। फोरेंसिक जांच, डिजिटल डेटा और कागजी सबूतों के जरिए CBI ने इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।

​गोपनीय विंग में CCTV की खामी और डिलीट हुआ बैकअप

  1. ​जांच में सामने आया कि NTA कार्यालय की पहली मंजिल पर स्थित गोपनीय विंग में लाइव CCTV निगरानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। NTA के CCTV सिस्टम में केवल 20-25 दिनों का ही बैकअप रहता था। NEET-UG 2026 से जुड़ा गोपनीय कार्य 7 अप्रैल 2026 को ही पूरा हो चुका था, जबकि CBI ने मामला 12 मई 2026 को दर्ज किया। समयावधि बीत जाने के कारण घटना के समय की CCTV फुटेज उपलब्ध नहीं हो सकी।

​अस्पताल में याद कराए गए प्रश्न, जयपुर से छपे पर्चे

​CBI के मुताबिक, तीन अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञों ने दिल्ली स्थित NTA कार्यालय से प्रश्नपत्र निकाले:

​जांच एजेंसी ने बताया कि एक आरोपी ने कागज की पर्चियों पर प्रश्न लिखकर छिपाए थे, वहीं अन्य आरोपियों ने होटल लौटकर NCERT की किताबों में संबंधित उत्तरों को चिन्हित किया था।

​दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट 10 अगस्त को CBI द्वारा दाखिल इस चार्जशीट पर संज्ञान लेगी।

तीसरी धारा न्यूज

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